पालघर: मूसलाधार बारिश से पालघर में हालात गंभीर, 218 परिवारों के 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

पालघर: मूसलाधार बारिश से पालघर में हालात गंभीर, 218 परिवारों के 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में डहाणू, तलासरी और पालघर तहसीलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 218 परिवारों के 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन के अनुसार डहाणू तहसील के 169 परिवारों के 694 लोगों को कोलवली और सरावली ग्राम पंचायत कार्यालय तथा जिला परिषद विद्यालय, चिंचणी में सुरक्षित ठहराया गया है। तलासरी तहसील के 14 परिवारों के 65 लोगों को सिटीजन होटल में तथा पालघर तहसील के 35 परिवारों के 128 लोगों को जिला परिषद विद्यालय, खुताडपाड़ा में स्थानांतरित किया गया है। डहाणू तहसील में एक व्यक्ति की मृत्यु की भी सूचना मिली है, जिसकी पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए तलासरी में मुंबई एनडीआरएफ तथा वसई-विरार महानगरपालिका के अग्निशमन दल को तैनात किया गया है। वहीं डहाणू में पालघर एनडीआरएफ और पालघर नगर परिषद के अग्निशमन दल लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
अतिवृष्टि के कारण जिले के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। तलासरी में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48, तलासरी-झाई-बोर्डी-उंबरगांव तथा तलासरी-उधवा मार्ग बंद हैं। डहाणू में सरावली-सवाटा, चिंचणी-वाणगांव-आशागढ़, बोर्डी-झाई-रेवस रेड्डी, डहाणू-सरावली, खंबाळे-वाणगांव, निखणे-पिंपळशेत, वधने-निखणे तथा नरपड-चिखला तटीय मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। पालघर में पर्णाली-बोईसर, पंचाली-उमरोली, कोलगांव-एसटी वर्कशॉप, मनोर-मासवण-पालघर, केळवा स्टेशन-केळवा दांडा तथा बोईसर-महागांव-बाकेधावन-बरहानपुर मार्ग बंद हैं। इसके अलावा विक्रमगढ़ में मनोर-पाचमाड-विक्रमगढ़, डोल्हारी बुद्रुक-सातकोर तथा कुर्झे-ब्राह्मणगांव मार्ग भी यातायात के लिए बंद कर दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने बताया कि वर्षा से हुई जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान का पंचनामा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा जलस्तर कम होते ही शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी सर्वेक्षण पूरा किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें, अफवाहों से बचें तथा सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें। सभी संबंधित विभाग 24 घंटे राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।

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