पालघर: दहानू में ‘लव जिहाद’ के आरोपों को लेकर बड़ा जनआक्रोश, आरोपी को फांसी देने की उठी मांग।विरोध में बंद रहीं दुकाने, सड़कों पर उतरे लोग जांच में लापरवाही पर पुलिस अधिकारी निलंबित, SIT जांच की उठी मांग।
पालघर: दहानू में ‘लव जिहाद’ के आरोपों को लेकर बड़ा जनआक्रोश, आरोपी को फांसी देने की उठी मांग।
विरोध में बंद रहीं दुकाने, सड़कों पर उतरे लोग जांच में लापरवाही पर पुलिस अधिकारी निलंबित, SIT जांच की उठी मांग।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के दहानू में दो सगी बहनों के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण ने पूरे क्षेत्र में जबरदस्त जनाक्रोश पैदा कर दिया है। इस मामले के विरोध में दहानू, घोलवड़ और आशागढ़ सहित पूरे क्षेत्र में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा।
भाजपा पालघर जिला अध्यक्ष भरत राजपूत के नेतृत्व में विभिन्न हिंदू संगठनों ने आंदोलन तेज करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों को फांसी देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 24 वर्षीय मुस्लिम युवक पर दो सगी बहनों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने तथा दबाव बनाकर दुराचार करने के गंभीर आरोप हैं। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद मामला सामने आया। पीड़िताओं में से एक के नाबालिग होने के कारण आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच में लापरवाही सामने आने पर पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने दहानू पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक दिनेश आघाव को निलंबित कर दिया है। जांच में आवश्यक सतर्कता नहीं बरतने तथा प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, लेकिन आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उसे राहत मिल गई। रिहाई के बाद आरोपी दोबारा फरार हो गया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसी बीच सागर नाका, दहानू में सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में जनजागरण एवं एकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारी जनसमूह उमड़ा। समाज के विभिन्न वर्गों, महिलाओं, युवाओं और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम में प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में जैन मुनि श्री निलेशजी महाराज तथा विश्व हिंदू परिषद, अंधेरी के गौतम रावरिया उपस्थित रहे। उन्होंने समाज में एकता, जागरूकता और संगठन की शक्ति पर जोर देते हुए अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के मुद्दों पर समाज को अधिक सजग रहने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर भाजपा पालघर जिला अध्यक्ष भरत राजपूत, विधायक मनीषा चौधरी, विधायक हरिश्चंद्र भोये, विधायक स्नेहा दुबे पंडित, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जगदीश राजपूत, जिला सचिव सत्यप्रकाश सिंह, बोईसर मंडल अध्यक्ष महेन्द्र भोने, मंडल युवा अध्यक्ष आनंद धोडी, उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष आर.बी. सिंह उपस्थित रहे साथ ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रांत सह-संयोजक गौतम रावरिया, विश्व हिंदू परिषद विभाग मंत्री चंदन सिंह, जिला अध्यक्ष महावीर जैन, सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में घोलवड-बोर्डी क्षेत्र की कुछ युवतियों को ‘स्टूडेंट वीजा’ के माध्यम से लंदन भेजे जाने के आरोपों की गहन जांच की मांग की गई। इसमें शामिल एजेंटों, आर्थिक लेन-देन और संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग उठी।
दहानू की पीड़ित बहनों को न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने और मामले के सभी पहलुओं—आर्थिक, संगठित तथा अंतरराष्ट्रीय कड़ियों—की गहराई से जांच करने की मांग की गई।
भाजपा नेता एवं विधान परिषद सदस्य चित्रा वाघ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे मानव तस्करी और संगठित नेटवर्क की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर गहन जांच की मांग की थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा SIT जांच के आदेश दिए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। पुलिस अधीक्षक स्तर की महिला अधिकारी के नेतृत्व में होने वाली जांच से सच्चाई सामने आने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और न्याय मिलने तक यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया और यह संदेश दिया गया कि समाज की एकता, जागरूकता और संगठन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
Comments
Post a Comment