मुंबई: फादर्स डे पर स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चेतावनी, तनाव और लापरवाही से बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का खतरा।

मुंबई: फादर्स डे पर स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चेतावनी, तनाव और लापरवाही से बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का खतरा।

अखिलेश चौबे 
मुंबई। फादर्स डे के अवसर पर एपेक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए परिवारों से अपील की है कि वे अपने पिता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बदलती जीवनशैली, बढ़ता कार्यस्थल का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां और पारिवारिक अपेक्षाएं आज के पिता को लगातार मानसिक तनाव की ओर धकेल रही हैं, जिसका सीधा प्रभाव उनके रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश पिता अपने परिवार की खुशियों और भविष्य को सुरक्षित करने में इतने व्यस्त रहते हैं कि वे अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच तक नहीं कराते। यही लापरवाही आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अब एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय बनती जा रही है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। वर्ष 2024 में देश में 1.70 लाख से अधिक लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें लगभग तीन-चौथाई पुरुष थे। इनमें बड़ी संख्या 30 से 50 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों की रही। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक तनाव, कार्यस्थल का दबाव और स्वास्थ्य की अनदेखी पुरुषों को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी कमजोर बना रही है।
एपेक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के क्रिटिकल केयर एवं हाईपरटेंशन प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. चिराग शाह ने बताया कि आज का पिता अपनी जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते अक्सर स्वयं को नजरअंदाज कर देता है। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते और कई बार इसका पता तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है, जैसे कि हार्ट अटैक या स्ट्रोक।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि 30 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से पिता, को नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करानी चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तंबाकू और शराब से दूरी तथा तनाव प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर संवाद करना भी जरूरी है, क्योंकि मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि जागरूकता और जिम्मेदारी का संकेत है।
फादर्स डे के इस अवसर पर अस्पताल समूह ने परिवारों से अपील की है कि वे अपने पिता को केवल उपहार देने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प भी दें। नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर रक्तचाप की निगरानी और परिवार का भावनात्मक सहयोग ही वह सबसे अनमोल उपहार है, जो पिता को एक लंबा, स्वस्थ और खुशहाल जीवन प्रदान कर सकता है।
यह संदेश न केवल एक दिन के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जो पिता जीवनभर परिवार का सहारा बनता है, उसके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी पूरे परिवार की होनी चाहिए।

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