पालघर: व्हाट्सएप पर जिलाधिकारी बनकर 50 हजार की ठगी, झारखंड से दो आरोपी गिरफ्तार; साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
पालघर: व्हाट्सएप पर जिलाधिकारी बनकर 50 हजार की ठगी, झारखंड से दो आरोपी गिरफ्तार; साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले में व्हाट्सएप के जरिए खुद को जिलाधिकारी बताकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड राज्य से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50,000 रुपये की ठगी गई राशि भी बरामद कर ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 मई 2026 को शाम 4:49 बजे से 6:38 बजे के बीच, शिकायतकर्ता विनीतकुमार मुंशीलाल मीणा (उम्र 28 वर्ष, निवासी वागुळसार, पालघर पश्चिम) अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपी ने अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर पालघर की जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ का फोटो लगाकर खुद को जिलाधिकारी बताकर फर्जी पहचान बनाई।
आरोपी ने विश्वास में लेकर शिकायतकर्ता को एक बैंक खाता नंबर भेजा और 50,000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने उस पर विश्वास कर बताए गए खाते में राशि भेज दी। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन, पालघर में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66C और 66D के अंतर्गत 18 जनवरी 2026 को मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और बैंक खाते की जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। इसके बाद झारखंड के धनबाद जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं, बलवंतकुमार कमलप्रसाद मंडल (उम्र 26 वर्ष, निवासी मनोरमनगर, कला भवन के पास, जिला धनबाद, झारखंड), राजुकुमार दुखन रवानी (उम्र 22 वर्ष, निवासी बैंक कॉलोनी, के.जी. आश्रम, गोविंदपुर, जिला धनबाद, झारखंड)
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की गई 50,000 रुपये की पूरी राशि बरामद कर ली है। इस मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील, स्थानीय अपराध शाखा, पालघर तथा अतिरिक्त प्रभार साइबर पुलिस स्टेशन, पालघर द्वारा की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख और अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील के साथ पुलिस उपनिरीक्षक समीर भोसले (साइबर पुलिस स्टेशन), पुलिस उपनिरीक्षक रोहित खोत, पुलिस उपनिरीक्षक विशाल शिर्के, सहायक पुलिस उपनिरीक्षक राजेश वाघ, हेड कॉन्स्टेबल संजय धांगड़ा, हेड कॉन्स्टेबल कपिल नेमाडे (स्थानीय अपराध शाखा), पुलिस कॉन्स्टेबल रामदास दुर्गेष्ट, पुलिस कॉन्स्टेबल रुपेश पाटील, पुलिस कॉन्स्टेबल अक्षय शेटये, महिला पुलिस कॉन्स्टेबल ऋषिका बारी और महिला पुलिस कॉन्स्टेबल स्नेहल शेलार (साइबर पुलिस स्टेशन, पालघर) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पालघर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर विश्वास न करें और किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर पैसे मांगने वाले संदेशों से सतर्क रहें।
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