पालघर: विकसित महाराष्ट्र-2047 के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर।पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य – देवेंद्र फडणवीस।
पालघर: विकसित महाराष्ट्र-2047 के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर।
पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य – देवेंद्र फडणवीस।
अखिलेश चौबे
नई दिल्ली। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और समावेशी मानव विकास के पांच प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नीति आयोग की बैठक में दी, जहां उन्होंने राज्य के समग्र विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।
राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल तथा नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 14 प्रतिशत योगदान देने वाला महाराष्ट्र देश की आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने बताया कि “विकसित महाराष्ट्र-2047” विजन के तहत राज्य ने वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर, 2035 तक दो ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सभी विभागों द्वारा 2029-30 तक के कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में आकांक्षित जिलों की संख्या 4 से बढ़ाकर 10 और आकांक्षित तालुकों की संख्या 27 से बढ़ाकर 177 कर दी गई है, जिससे इन क्षेत्रों के संतुलित और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूर्ण रूप से लागू करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। राज्य में बहु-विषयक शिक्षा, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, कौशल आधारित पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा में एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास देश की पहली “एजु-सिटी” विकसित की जा रही है, जो वैश्विक स्तर के शिक्षा केंद्र के रूप में उभरेगी। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’, स्मार्ट आंगनवाड़ी और सक्षम आंगनवाड़ी जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
राज्य राष्ट्रीय प्रशिक्षु प्रोत्साहन योजना में देश में पहले स्थान पर है, जहां 3.30 लाख से अधिक प्रशिक्षु पंजीकृत हैं। महाराष्ट्र स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार नीति-2025 के तहत अगले पांच वर्षों में 1.25 लाख उद्यमी तैयार करने और 50 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए “महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी” की स्थापना की जा रही है। एआई, फिनटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। आयुष्मान भारत और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत उपचार पैकेज की संख्या बढ़ाकर 2399 कर दी गई है और 4537 अस्पतालों को इससे जोड़ा गया है।
राज्य में 11 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं “मेडिसिटी” अवधारणा के तहत चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला सशक्तिकरण आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। उमेद अभियान के तहत राज्य में 50 लाख से अधिक “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 13 जिलों में “उमेद मॉल” स्थापित किए जा रहे हैं।
लाड़की बहिण योजना के अंतर्गत 1.66 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और आत्मनिर्भरता में सुधार हुआ है।
अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अवसर बढ़ाने पर राज्य का विशेष ध्यान है। इन वर्गों के छात्रों के लिए 100 नए छात्रावास बनाए जा रहे हैं, जिनमें 20 हजार से अधिक छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 800 से अधिक सेवाओं को डिजिटल और सरल बनाया गया है। महाडीबीटी 2.0 और महासारथी जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक सेवाओं को आसान किया गया है। महाराष्ट्र एआई नीति-2026 के तहत 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश और 1.5 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
गडचिरोली जिले के लिए विशेष विकास योजना लागू की जा रही है, जिसमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान दिया जा रहा है। इसे देश का पहला बड़ा इंटीग्रेटेड स्टील हब बनाने की योजना है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “एक राज्य, एक वैश्विक पर्यटन स्थल” योजना के तहत सिंधुदुर्ग और नासिक को विकसित किया जाएगा। राज्य में 100 पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है।
महाराष्ट्र में 63.85 लाख से अधिक एमएसएमई कार्यरत हैं, जो 2.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं। देश में आने वाले कुल एफडीआई का लगभग 31 प्रतिशत निवेश महाराष्ट्र में होता है। राज्य ने 20.3 लाख करोड़ रुपये की निवेश पाइपलाइन तैयार की है।
अंत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए देश को समृद्ध, आत्मनिर्भर और न्यायसंगत बनाने का संकल्प दोहराया।
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