मुंबई: एनसीएमसी कार्ड की अधिक कीमत पर बिक्री पर सख्ती, दोषी विक्रेताओं के लाइसेंस होंगे रद्द।
मुंबई: एनसीएमसी कार्ड की अधिक कीमत पर बिक्री पर सख्ती, दोषी विक्रेताओं के लाइसेंस होंगे रद्द।
अखिलेश चौबे
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) द्वारा यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसी क्रम में महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) ने सवलतधारक यात्रियों के लिए NCMC (National Common Mobility Card) स्मार्ट कार्ड का वितरण शुरू किया है। राज्यभर में इसके लिए 3000 से अधिक अधिकृत विक्रेताओं की नियुक्ति की गई है और सभी प्रमुख बस डिपो एवं बस स्टैंड पर यह कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस योजना के तहत नए कार्ड के लिए 199 रुपये और पहले से स्मार्ट कार्ड रखने वाले यात्रियों के लिए 149 रुपये की दर निर्धारित की गई है। हालांकि, कुछ विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी विक्रेता निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूलते पाए जाएंगे, उनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस तरह के कुछ विक्रेताओं के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं।
एसटी महामंडल ने यह कदम यात्रियों को मिलने वाली रियायतों को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और डिजिटल तरीके से लागू करने के उद्देश्य से उठाया है। वर्तमान में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और ‘अमृत’ वरिष्ठ नागरिकों के लिए पंजीकरण और कार्ड वितरण की प्रक्रिया जारी है। आगामी चरणों में अन्य सवलतधारक यात्रियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
महामंडल के अनुसार, निकट भविष्य में सभी सवलतधारक यात्रियों के लिए एसटी बसों में यात्रा के दौरान NCMC कार्ड का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा। इससे यात्रा प्रक्रिया अधिक सरल होगी और रियायतों का लाभ सटीक रूप से डिजिटल माध्यम से दिया जा सकेगा।
इसके अलावा, NCMC कार्ड के माध्यम से टिकट वितरण, कार्ड रिचार्ज (टॉप-अप) और अन्य लेन-देन के लिए एकीकृत मानक कार्यप्रणाली (SOP) भी तय की गई है। सभी डिपो प्रबंधकों को इस प्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यह पहल एसटी सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य के लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा।
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