पालघर: बिहार जन सेवा संस्था ने बोईसर में सजाया एकता और संस्कारों का खूबसूरत मंच।पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है, यहाँ से हमारा रिश्ता स्नेह और सम्मान का है।

पालघर: बिहार जन सेवा संस्था ने बोईसर में सजाया एकता और संस्कारों का खूबसूरत मंच।
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है, यहाँ से हमारा रिश्ता स्नेह और सम्मान का है।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले के औद्योगिक नगर बोईसर स्थित टीमा ग्राउंड पर रविवार, 10 मई की शाम एक ऐसा भव्य और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जिसने उत्तर भारत और महाराष्ट्र की संस्कृति को एक सूत्र में पिरो दिया। बिहार जन सेवा संस्था द्वारा आयोजित चौथे विशाल वार्षिक समारोह में महाराष्ट्र दिन, कामगार दिवस और मातृ दिवस को एक साथ मनाकर सामाजिक समरसता और एकता का अनूठा संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्ज्वलन और षोडशोपचार पूजन के साथ हुई। इसके बाद आयोजित ‘मातृ पूजन’ में बच्चों ने अपनी माताओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे पूरा वातावरण भावुक और श्रद्धामय हो उठा। वहीं ‘कर्मभूमि’ के सम्मान में महाराष्ट्र की पावन मिट्टी को नमन कर प्रवासी समुदाय ने अपनी आस्था और जुड़ाव का परिचय दिया। संस्था ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए राज्य की उन्नति में योगदान देने वाले 21 श्रमिकों को सम्मानित कर उनके श्रम और समर्पण को सलाम किया।

*आनंद मोहन सिंह ने कहा महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है:-* कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने अपने जोशीले और भावुक संबोधन से जनसमूह में ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र से हमारा रिश्ता माँ और मौसी जैसा है। हमारी मेहनत इस धरती की तरक्की में शामिल है। श्रम ही सफलता की असली कुंजी है, कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता।” 
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि: “महाराष्ट्र में प्रवासी समाज के साथ जो भेदभाव हो रहा है, उसका सबसे बड़ा कारण केंद्र सरकार की निष्क्रियता है। सब कुछ जानते और देखते हुए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।”
उनके इस बयान ने समारोह में मौजूद लोगों के बीच जोरदार चर्चा और समर्थन की लहर पैदा कर दी।

संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष बबन कुमार सिंह ने मंच से एक सराहनीय पहल की घोषणा करते हुए एक असहाय विधवा महिला को ₹11,000 की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही संकल्प लिया कि संस्था हर वर्ष दीपावली पर उस परिवार को नए वस्त्र भेंट करेगी।
कार्यक्रम में मराठी, हिंदी और भोजपुरी गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया, जहां हर वर्ग और हर भाषा के लोग एक साथ झूमते नजर आए।
इस गौरवशाली आयोजन के साक्षी बने बोईसर के डीवाईएसपी विकास नाईक और ठाणे के समाजसेवी मुकणे भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रशांत संखे, बिहार जन सेवा संस्था पालघर जिला अध्यक्ष बी के झा, महिला अध्यक्ष किरन सिन्हा, महोत्सव के मुख्य मार्गदर्शकों में रामनारायण गोयल रोटरी क्लब अध्यक्ष, शैलबाला सिंह शामिल हैं जिन्होंने प्रवासी समाज के इस प्रयास की खुलकर सराहना की।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन चंदन झा ने किया। अंत में संस्था के अध्यक्ष बबन कुमार सिंह ने हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों, सहयोगियों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समारोह के सफल समापन की घोषणा की।
बोईसर का यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एकता, श्रम, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा—जहां प्रवासी और स्थानीय समाज ने मिलकर एक नई मिसाल कायम की।

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