पालघर: जिले में अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब का उद्घाटन, तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम।डिजिटल युग में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी — मनोज रानडे।
पालघर: जिले में अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब का उद्घाटन, तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम।
डिजिटल युग में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी — मनोज रानडे।
अखिलेश चौबे
पालघर। डिजिटल और तकनीकी युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पालघर के सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडली द्वारा संचालित सोनोपंत दांडेकर कला, वा. श्री. आपटे वाणिज्य एवं एम. एच. मेहता विज्ञान महाविद्यालय में “स्व. लीलावती पुरुषोत्तमदास संघवी संगणक प्रयोगशाला” का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पालघर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने विधिवत रूप से इस अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब का उद्घाटन किया।
उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में मनोज रानडे ने कहा कि आज का युग डिजिटल और तकनीकी ज्ञान का युग है। यदि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है, तो विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुस्तक आधारित शिक्षा अब पर्याप्त नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए उद्योग जगत की भागीदारी और आर्थिक सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
यह आधुनिक संगणक प्रयोगशाला प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत महाविद्यालय को प्रदान की गई है। कंपनी के निदेशक मनीषभाई पुरुषोत्तमदास संघवी, आशिषभाई शशिकांत संघवी एवं उनके परिवार द्वारा स्वर्गीय लीलावती पुरुषोत्तमदास संघवी की स्मृति में यह प्रयोगशाला महाविद्यालय के सूचना शास्त्र एवं संगणक शास्त्र विभाग को समर्पित की गई है।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पालघर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक तकनीक आज शिक्षा, उद्योग, प्रशासन और रोजगार के हर क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे प्रतिस्पर्धात्मक युग में पीछे न रहें।
कार्यक्रम में प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के निदेशक मनीषभाई संघवी ने कहा कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शिक्षा क्षेत्र में योगदान देना उनके परिवार के लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस प्रयोगशाला का सकारात्मक उपयोग करने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडली, पालघर के अध्यक्ष सी. ए. सचिन कोरे ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा प्रणाली में तकनीकी संसाधनों का समावेश अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगणक प्रयोगशाला विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल, डिजिटल प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. किरण सावे ने स्वागत एवं प्रास्ताविक भाषण में कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी की मूल आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने दानदाता परिवार तथा प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के निदेशक मनीष संघवी और आशिष संघवी के साथ सोनल संघवी, पूजा संघवी एवं यश संघवी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडली के वरिष्ठ पदाधिकारी जगन्नाथ राऊत, धनेश वर्तक, मंगेश पंडित, सुधीर कुलकर्णी, प्रकाश संखे और अनंत पाटिल, महाविद्यालय के उपप्राचार्य तानाजी पोल, विधि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पायल चोलेरा तथा निमंत्रित सदस्य रामप्रकाश निराला सहित शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विद्यार्थी और अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा, सामाजिक उत्तरदायित्व और शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना से ओतप्रोत रहा। यह पहल न केवल विद्यार्थियों के तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार का एक सशक्त उदाहरण भी है।
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