पालघर: जिले से जनजातीय समाज का दिल्ली कूच, लाल किला में होगा ऐतिहासिक सांस्कृतिक समागम।“जल, जंगल, जमीन” और जनजातीय अस्मिता के संरक्षण के संदेश के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रवाना।
पालघर: जिले से जनजातीय समाज का दिल्ली कूच, लाल किला में होगा ऐतिहासिक सांस्कृतिक समागम।
“जल, जंगल, जमीन” और जनजातीय अस्मिता के संरक्षण के संदेश के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रवाना।
अखिलेश चौबे
पालघर। “धन, धरती, जनजाती” के सम्मान और “जल, जंगल, जमीन” के संरक्षण के संदेश के साथ पालघर जिले से जनजातीय समाज के लोग दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। शुक्रवार, 22 मई 2026 को बोईसर रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में जनजातीय बांधव और कार्यकर्ता उत्साहपूर्वक दिल्ली के लिए प्रस्थान किए।
ये सभी कार्यकर्ता 24 मई 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर में आयोजित “जनजाती सांस्कृतिक समागम” में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम को जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकारों और स्वाभिमान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह समागम जनजातीय समाज की एकजुटता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ उनके मूल अधिकारों के संरक्षण का मजबूत संदेश देगा। विशेष रूप से “जल, जंगल, जमीन” जैसे बुनियादी मुद्दों पर समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस अवसर पर बिरसायत महाराष्ट्र के संस्थापक अध्यक्ष संतोष आनंदी शिवराम जनाठे ने जनजातीय समाज को एकजुट रहने और अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को संगठित होकर आगे आना होगा।
बोईसर रेलवे स्टेशन से रवाना होते समय कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस यात्रा को जनजातीय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो उनके अधिकारों और पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने का कार्य करेगा।
Comments
Post a Comment