पालघर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर जिले में बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित।विचार विमर्श, प्रश्नोत्तर और ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर गहन चर्चा से कार्यक्रम रहा सार्थक।
पालघर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर जिले में बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित।
विचार विमर्श, प्रश्नोत्तर और ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर गहन चर्चा से कार्यक्रम रहा सार्थक।
अखिलेश चौबे
पालघर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पालघर जिले में एक विशेष बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बोईसर स्थित TIMA हॉल में सुबह ठीक 10:00 बजे प्रारंभ हुआ और दोपहर 1:00 बजे संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर मंदार भानुशे उपस्थित रहे, जो वसई निवासी हैं और मुंबई विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में पालघर जिले के संघचालक नरेश मराड की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ पारंपरिक रूप से की गई।
पहले सत्र में कल्याण विभाग के कार्यवाह अतुल भावे ने “संघ यात्रा” विषय पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। उनके वक्तव्य के बाद प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित प्रबुद्ध नागरिकों ने विभिन्न विषयों पर अपने सवाल रखे। अतुल भावे ने सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देते हुए शंकाओं का समाधान किया।
संक्षिप्त विश्राम के बाद दूसरे सत्र की शुरुआत हुई, जिसमें प्रोफेसर मंदार भानुशे ने “पंच परिवर्तन” विषय पर प्रभावी और सरल भाषा में अपने विचार व्यक्त किए। उनके वक्तव्य को उपस्थित लोगों ने गंभीरता से सुना और सराहा।
कार्यक्रम का समापन पुनः अतुल भावे द्वारा किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।
कार्यक्रम के बाद सभी प्रबुद्ध मान्यवरों के साथ स्नेहभोजन का आयोजन किया गया, जहां अनौपचारिक चर्चाओं और संवाद का भी दौर चला।
इस कार्यक्रम में कुल 80 लोगों की उपस्थिति रही, जिसमें 10 मातृशक्ति (महिला सहभागिता) का भी सक्रिय योगदान देखने को मिला। कार्यक्रम ने सामाजिक और वैचारिक स्तर पर एक सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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