नई दिल्ली: एलपीजी ग्राहकों के लिए नए नियम लागू, सिलेंडर बुकिंग, ई-केवाईसी और पीएनजी पर बड़ा बदलाव।तेल कंपनियों की सख्ती, कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार के नए निर्देश।

नई दिल्ली: एलपीजी ग्राहकों के लिए नए नियम लागू, सिलेंडर बुकिंग, ई-केवाईसी और पीएनजी पर बड़ा बदलाव।
तेल कंपनियों की सख्ती, कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार के नए निर्देश।

अखिलेश चौबे 
नई दिल्ली। देशभर के लाखों एलपीजी ग्राहकों के लिए तेल विपणन कंपनियों इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस ने नए नियम और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना, आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और ग्राहकों को पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
गैस की कथित कमी और आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के बीच कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और ग्राहकों को घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
भारत गैस संचालित करने वाली बीपीसीएल ने ग्राहकों को पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) अपनाने के लिए विशेष ऑफर पेश किया है। कंपनी के अनुसार, बिना किसी आवेदन शुल्क और अग्रिम राशि के पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं एचपी गैस की आपूर्ति करने वाली एचपीसीएल ने भी एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त होने का दावा किया है।
कर्नाटक सहित कुछ राज्यों में कालाबाजारी और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद कंपनियों ने इन मामलों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही है। इंडियन ऑयल ने भी कहा है कि ग्राहकों को दैनिक जरूरतों के लिए गैस की कमी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार ने कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सिलेंडर रिफिल के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। पहले यह अवधि 21 दिन थी। यह नियम 14.2 किलोग्राम और 5 किलोग्राम दोनों प्रकार के सिलेंडरों पर लागू होगा।
इसके अलावा, ग्राहकों के लिए मोबाइल नंबर अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि एजेंसी के पास सही मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होगा, तो सिलेंडर डिलीवरी में परेशानी आ सकती है, क्योंकि ओटीपी केवल पंजीकृत नंबर पर ही भेजा जाएगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, जिन गैर-उज्ज्वला ग्राहकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें भी यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, जिन ग्राहकों ने पहले ही ई-केवाईसी कर लिया है, उन्हें दोबारा इसकी जरूरत नहीं होगी।
सरकार ने पीएनजी सुविधा वाले घरों को एलपीजी से पीएनजी की ओर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। मार्च 2026 में इसके लिए 90 दिनों की समयसीमा दी गई थी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार जून 2026 के अंत तक ऐसे घरों के एलपीजी कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं, हालांकि इस पर अभी अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसके साथ ही सरकार “एक घर, एक गैस कनेक्शन” नीति लागू करने की तैयारी में है, ताकि डुप्लीकेट कनेक्शन खत्म किए जा सकें और जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिल सके। पीएनजी सुविधा वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन वापस करने के संदेश भी भेजे जा रहे हैं।
सरकार और तेल कंपनियां ग्राहकों को ऑनलाइन गैस बुकिंग के लिए भी प्रोत्साहित कर रही हैं, जिससे लंबी कतारों से बचा जा सके। साथ ही पीएनजी, इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों का सबसे अधिक प्रभाव शहरी क्षेत्रों के उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिनके पास पहले से पीएनजी सुविधा उपलब्ध है। सरकार का उद्देश्य पारदर्शी, सुरक्षित और संतुलित गैस वितरण प्रणाली स्थापित करना है।

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