मुंबई: महाराष्ट्र में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम।जायका देगा 3,708 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता।
मुंबई: महाराष्ट्र में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
जायका देगा 3,708 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता।
अखिलेश चौबे
मुंबई। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और सुलभ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय संस्था जायका (JICA) के साथ साझेदारी कर राज्य के चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा दी जाएगी। इस परियोजना के लिए 3,708 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले जायका ने असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परियोजनाएं लागू की हैं। अब महाराष्ट्र में ‘मेडिकल केयर सिस्टम’ को मजबूत बनाने के लिए यह साझेदारी की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना के अंतर्गत कई अहम पहलुओं पर कार्य किया जाएगा। इसमें सरकारी मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की आधारभूत संरचना का विकास, आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना, विशिष्ट बीमारियों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करना और नए नर्सिंग तथा पैरामेडिकल कॉलेजों की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में पहले ही सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त जळगांव, लातूर, बारामती, मिरज, कोल्हापुर, नंदूरबार और गोंदिया जैसे जिलों में 100 सीटों वाले बीएससी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई है। इन संस्थानों और उनसे संबद्ध अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए ‘स्ट्रेंथनिंग टर्शियरी हेल्थ केयर डिलीवरी, मेडिकल एजुकेशन सिस्टम एंड नर्सिंग सिस्टम इन महाराष्ट्र’ परियोजना लागू की जाएगी।
इस व्यापक परियोजना के तहत पालघर, वर्धा, रत्नागिरी और अहिल्यानगर जैसे नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सशक्त किया जाएगा। साथ ही मुंबई स्थित जीटी अस्पताल, सेंट जॉर्ज अस्पताल सहित धुले, सोलापुर, अंबेजोगाई, अकोला और नागपुर के चिकित्सा संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा। नर्सिंग कॉलेजों के स्तर में सुधार के साथ-साथ बारामती, सांगली (मिरज) और कोल्हापुर में नए भवनों का निर्माण भी किया जाएगा।
इसके अलावा, राज्य के कई जिलों में मेडिकल कॉलेजों के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर और समयबद्ध उपचार मिल सके। भारत-जापान शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत अस्पताल प्रबंधन, प्रशासन और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में भी क्षमता वृद्धि की जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया कि इस साझेदारी से महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और जनसुलभ बनेंगी। इससे राज्य के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया विकास अध्याय शुरू होगा।
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