नवी मुंबई: कोंकण में मानसून से पहले आपदा प्रबंधन अलर्ट, प्रशासन पूरी तरह तैयार।रुबल अग्रवाल के निर्देश—तुरंत राहत, 24×7 कंट्रोल रूम, नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।।

नवी मुंबई: कोंकण में मानसून से पहले आपदा प्रबंधन अलर्ट, प्रशासन पूरी तरह तैयार।
रुबल अग्रवाल के निर्देश—तुरंत राहत, 24×7 कंट्रोल रूम, नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।।

अखिलेश चौबे 
नवी मुंबई। कोंकण क्षेत्र में आगामी मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कोंकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल ने निर्देश दिए हैं कि आपदा की स्थिति में सभी संबंधित विभाग नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दें तथा राहत एवं बचाव सामग्री बिना किसी देरी के घटनास्थल तक पहुंचाई जाए।
दूरसंचार प्रणाली के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में ठाणे, रायगड, रत्नागिरी, पालघर, सिंधुदुर्ग तथा मुंबई के जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, नगरपालिका अधिकारी, जिला परिषद अधिकारी, जलसंपदा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कोकण रेलवे, महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल, नागरी संरक्षण, भारतीय मौसम विभाग तथा औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुक्त रुबल अग्रवाल ने कहा कि मानसून से पहले नालों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और पेड़ों की छंटाई जैसे कार्य समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में नाला सफाई का कार्य 31 मई 2026 तक 100 प्रतिशत पूर्ण किया जाए।
कोंकण विभाग स्तर पर 24 घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष शुरू कर दिया गया है, वहीं सभी जिलों और तालुका स्तर पर भी इसी प्रकार के आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला, तालुका और ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार कर संबंधित प्राधिकरण से अनुमोदन लेने को कहा गया है।
अवैध और अत्यंत जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों के सुरक्षित पुनर्वास के लिए महानगरपालिका आयुक्तों को तत्काल योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही “आपदा मित्र” पहल के तहत प्रशिक्षित खोज एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है और उपकरणों की जांच के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा गया है।
कोंकण क्षेत्र में कुल 9 बड़े, 9 मध्यम और 143 लघु बांध हैं। अत्यधिक वर्षा की स्थिति में इन बांधों से पानी का नियंत्रित तरीके से विसर्जन किया जाए और पहले से ही नागरिकों को सतर्क किया जाए। स्थानीय प्रशासन—उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और नगरपालिका—को इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटन स्थलों, विशेषकर झरनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रिसॉर्ट एवं होटलों में साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। मानसून के दौरान बाढ़, भूस्खलन, आकाशीय बिजली, चक्रवात, पेड़ों व इमारतों के गिरने तथा सड़क अवरोध जैसी संभावित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जेसीबी, डंपर, वुड कटर और ट्रकों जैसी मशीनरी तैयार रखने पर जोर दिया गया है।
प्रभावित नागरिकों के लिए स्कूल, मंदिर और हॉल जैसे स्थानों को अस्थायी आश्रय स्थल के रूप में तैयार रखने, साथ ही भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को भी तैनात रखने और उनके संपर्क नंबर अद्यतन रखने को कहा गया है।
रेल और सड़क यातायात बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मानसून में फैलने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए दवाओं का भंडारण, जल शुद्धिकरण और रोग नियंत्रण कक्ष स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।
सभी जिलाधिकारी कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और महानगरपालिकाओं में 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-मेल, टेलीफोन और हॉटलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। किसी भी आपदा संबंधी सूचना को तुरंत शासन तक पहुंचाने और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने पर विशेष जोर दिया गया है।
इस वर्ष देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से थोड़ा कम, लगभग 92 प्रतिशत (LPA) रहने का अनुमान भारतीय मौसम विभाग ने जताया है। मई के अंतिम सप्ताह में विभाग द्वारा अद्यतन पूर्वानुमान जारी किया जाएगा, फिर भी प्रशासन को हर आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
अंत में आयुक्त रुबल अग्रवाल ने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में जेसीबी, नाव और प्रशिक्षित कर्मियों को आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

*कोंकण विभाग के आपदा नियंत्रण कक्ष के प्रमुख दूरभाष नंबर इस प्रकार हैं:* मुंबई शहर: 022-22664232 / 08657106273, मुंबई उपनगर: 022-69403344 / 08104729077, ठाणे: 022-25301740 / 09372338827, पालघर: 02525-297474 / 08237978873, रायगड: 0241-222118 / 227452 / 0875152363, रत्नागिरी: 02352-222233 / 07057222233, सिंधुदुर्ग: 02362-228847 / 07498067835, मंत्रालय कंट्रोल रूम: 022-22027990 / 022-22794229 / 09321587143 प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें और अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

Comments

Popular posts from this blog

पालघर: यू.एस.ओस्तवाल इंग्लिश अकादमी स्कूल में रोटरी क्लब ऑफ बोईसर तारापुर की नशामुक्ति जागरूकता पहल।

पालघर: चिन्मया विद्यालय कक्षा 10वीं में 100% परिणाम के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन।शारन्या माबियन ने 99.60% अंक लाकर किया कमाल, चिन्मया विद्यालय में बनीं टॉपर।

पालघर: तारापुर एमआईडीसी में ओलियम गैस रिसाव से हड़कंप - भघेरिया केमिकल्स से निकली जहरीली गैस।प्रशासन की आपात चेतावनी; गांवों में सतर्कता, तकनीकी दल जुटा।