पालघर: वाधवन बंदर परियोजना: भूमि अधिग्रहण पर प्रशासन का स्पष्ट रुख।शिकायतों की सख्त जांच और पारदर्शी मुआवजा प्रक्रिया का भरोसा।
पालघर: वाधवन बंदर परियोजना: भूमि अधिग्रहण पर प्रशासन का स्पष्ट रुख।
शिकायतों की सख्त जांच और पारदर्शी मुआवजा प्रक्रिया का भरोसा।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के वाधवन बंदर परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर उठ रही चिंताओं और शिकायतों के बीच पालघर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि हर शिकायत की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, नियमबद्ध और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संचालित की जा रही है।
करीब दस दिन पहले प्राप्त एक महत्वपूर्ण शिकायत के आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई है। कृषि विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। शिकायत में उठाए गए मुद्दों—जैसे वृक्ष गणना और फसल/लागवड़ मूल्यांकन—की नियमानुसार जांच की जा रही है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण के सक्षम प्राधिकारी (CALA) द्वारा स्वतंत्र सत्यापन भी किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि या हेरफेर की गुंजाइश न रहे।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार के झूठे दावे, बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए आंकड़े या अप्रमाणित जानकारी के आधार पर मुआवजा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रक्रिया में हस्तक्षेप या धोखाधड़ी का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक टीम—जिसमें जिला सर्वेक्षण अधिकारी, कृषि अधीक्षक, उपजिल्हाधिकारी (भूमि अधिग्रहण) और अन्य अधिकारी शामिल हैं—25 अप्रैल को वांगांव क्षेत्र में मौजूद रही। यहां नागरिकों से बातचीत कर मुआवजा, सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान किया गया। विशेष रूप से ‘गोला सर्वे’ से संबंधित अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया गया, जो मुआवजा वितरण में देरी का एक प्रमुख कारण बन रही थीं।
अब तक प्रशासन द्वारा 62 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है और 261 भूधारकों को मुआवजा वितरित किया गया है। लगभग 10,000 भूधारकों के लिए 2300 करोड़ रुपये का व्यापक आर्थिक पैकेज निर्धारित किया गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
इसके अतिरिक्त, वारस नोंदणी (उत्तराधिकार पंजीकरण) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए डहाणू और पालघर में 20 विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 350 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। शिविरों में बैंक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहकर मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया, बैंकिंग सुविधाओं और दीर्घकालिक निवेश विकल्पों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
प्रशासन ने सभी प्रभावित नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा—आगामी सोमवार तक—अपने आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि समयबद्ध तरीके से उनका निपटारा किया जा सके। दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तलाठी कार्यालयों और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
वाधवन बंदर परियोजना के तहत सड़क और रेल मार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राष्ट्रीय महामार्ग अधिनियम 1956 के तहत जारी है। पालघर तालुका के नेवाळे, राणीशिगाव, सुमडी, गारगांव, चिंचारे, आकेगव्हाण, नानिवली, आंबेधे, आकोली, रावते, शिगांव और खुताड गांवों की भूमि के अधिग्रहण संबंधी निर्णय घोषित किए जा चुके हैं। संबंधित भूधारकों को मुआवजा स्वीकार करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं और भुगतान प्रक्रिया जारी है।
इस बीच प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी जारी की है। जानकारी में आया है कि कुछ बिचौलिये या अनधिकृत व्यक्ति किसानों से मुआवजा दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। इस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि मुआवजा प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से होती है और इसके लिए किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस या कमीशन देने की आवश्यकता नहीं है।
भूधारकों से कहा गया है कि वे अपने दस्तावेज सीधे भूमि अधिग्रहण अधिकारी या तलाठी कार्यालय में जमा करें। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुआवजे की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
उपजिल्हाधिकारी (पुनर्वसन) तथा सक्षम प्राधिकारी तेजस चव्हाण ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या झांसे में न आएं और यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पैसे मांगता है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
पालघर जिला प्रशासन ने दोहराया है कि वह पारदर्शिता, न्याय और संवाद की नीति पर काम कर रहा है तथा भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी कर प्रभावित नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।
Comments
Post a Comment