पालघर: बोईसर के दीप ग्लोबल स्कूल में ‘ग्रंथ संस्कार’ अभियान की शुरुआत।विश्व पुस्तक दिवस पर पठन संस्कृति को मिला नया आयाम।
पालघर: बोईसर के दीप ग्लोबल स्कूल में ‘ग्रंथ संस्कार’ अभियान की शुरुआत।
विश्व पुस्तक दिवस पर पठन संस्कृति को मिला नया आयाम।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बोईसर स्थित दीप ग्लोबल स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, बोईसर में विश्व पुस्तक दिवस एवं कॉपीराइट दिवस के अवसर पर पठन संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु ‘ग्रंथ संस्कार’ गतिविधि का शुभारंभ किया गया। इस आयोजन का संचालन विद्यालय के इंटरैक्ट क्लब और कालिदास भाषा क्लब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज में पढ़ने की आदत को विकसित करना तथा ज्ञान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि से दीप प्रज्वलन एवं ग्रंथ पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर भगवद गीता एवं दासबोध का विधिवत पूजन कर पुस्तकों के ज्ञान, संस्कार और जीवन में उनके महत्व को रेखांकित किया गया।
कालिदास भाषा क्लब की प्रभारी कुमारी रिद्धि शेटे तथा श्रीमती प्रज्ञा संखे ने विद्यार्थियों को मौन वाचन की गतिविधि के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि नियमित वाचन से एकाग्रता बढ़ती है और गहन अध्ययन की आदत विकसित होती है, जो विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में सहायक है।
कार्यक्रम में रोटेरियन संध्या शहापुरे ने प्रारंभिक आयु से ही पढ़ने की आदत विकसित करने पर विशेष बल दिया। रोटेरियन अलका जैन ने वाचन के माध्यम से समझ और ज्ञान में वृद्धि के महत्व को स्पष्ट किया। रोटेरियन विलास शहापुरे ने पुस्तकों को आत्मविकास का सशक्त माध्यम बताया, वहीं रोटेरियन रेखेश जैन ने वैज्ञानिक पठन पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। रोटेरियन वैशाली शिंदे ने विद्यार्थियों को विविध साहित्य पढ़ने और जिज्ञासा विकसित करने का संदेश दिया।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती वृंदा कुलकर्णी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि पठन आजीवन सीखने की आधारशिला है। उन्होंने घोषणा की कि ‘ग्रंथ संस्कार’ गतिविधि अब प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। साथ ही विद्यालय का पुस्तकालय विद्यार्थियों, अभिभावकों और आसपास के नागरिकों के लिए भी उपलब्ध रहेगा, जिससे समाज में पठन संस्कृति को व्यापक रूप से बढ़ावा मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान वाचन सत्र, मौन वाचन, समूह चर्चा, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा विचार साझा करना तथा बुक कल्चर प्रतिज्ञा जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। पुस्तक दान अभियान के अंतर्गत अभिभावकों, मान्यवरों, रोटेरियन संध्या शहापुरे तथा डॉ. आर्य भट्ट वाचन कट्टा, बोईसर के सदस्यों ने उदारतापूर्वक पुस्तकों का दान किया। इसके अतिरिक्त चिन्मया विद्यालय के इंटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम का समापन दीप जूनियर कॉलेज की विभागाध्यक्ष श्रीमती भाविका गोहेल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. दीपा संखे के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया, जिनकी सक्रिय भूमिका से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
‘ग्रंथ संस्कार’ गतिविधि को विद्यालय में पठन संस्कृति, मूल्य आधारित शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। “रीड, एक्सप्लोर, इंस्पायर” का संदेश इस आयोजन के माध्यम से प्रभावी रूप से साकार हुआ, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के प्रति प्रेरित करने का कार्य करेगा।
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