पालघर: जिले में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला।
पालघर: जिले में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला।
अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सरचिटणीस श्रीरंग बरगे ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा में अस्वीकृत १३१वें संविधान संशोधन विधेयक के बाद भाजपा बौखला गई है और अपनी मनमानी तथा हुकूमशाही कार्यशैली पर लगी चोट के कारण अनर्गल आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लेकर भाजपा ने झूठ और भ्रम फैलाने के मामले में अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
कांग्रेस भवन, पालघर में आयोजित पत्रकार परिषद में बोलते हुए श्रीरंग बरगे ने मांग की कि महिला आरक्षण को परिसीमन (डिलिमिटेशन) और जनगणना से जोड़ने के बजाय वर्तमान लोकसभा सीटों में से ही ३३ प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं तथा २०२९ की लोकसभा चुनाव इसी आरक्षण व्यवस्था के साथ कराए जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को विश्वास में लिए बिना भाजपा ने महिला आरक्षण की आड़ में लोकसभा की सीटों को ५४३ से बढ़ाकर ८५० करने की साजिश रची थी, ताकि भविष्य में भाजपा को स्थायी राजनीतिक लाभ मिल सके। श्रीरंग बरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की इस रणनीति को सतर्क विपक्ष ने विफल कर दिया, जिससे भाजपा का वास्तविक चरित्र और महिलाओं के प्रति उसकी दिखावटी संवेदनशीलता उजागर हो गई।
श्रीरंग बरगे ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक अर्थात १०६वां संविधान संशोधन सितंबर २०२३ में ही पारित हो चुका है। उन्होंने कहा कि १३१वां विधेयक केवल मतदाता क्षेत्रों के पुनर्गठन (परिसीमन) से संबंधित था। इसके पारित न होने से महिला आरक्षण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के वास्तविक क्रियान्वयन में भाजपा ने स्वयं जनगणना और परिसीमन की शर्त जोड़कर अड़चन पैदा की थी।
श्रीरंग बरगे ने कहा कि केंद्र सरकार की योजना लोकसभा सीटों की संख्या ५४३ से ८५० करने की थी। इससे महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के उन राज्यों की सीटें अपेक्षाकृत कम बढ़तीं, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता प्राप्त की है, जबकि उत्तर भारत के राज्यों की सीटों में अधिक वृद्धि होती।
उन्होंने इसे प्रगतिशील राज्यों को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश बताया। साथ ही कहा कि महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और पूर्व भारत के राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने तथा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस ने जो भूमिका निभाई है, उसका महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस स्वागत करती है।
श्रीरंग बरगे ने कहा कि देश में महिलाओं को सबसे पहले राजनीतिक आरक्षण देने का श्रेय कांग्रेस को जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में ३३ प्रतिशत महिला आरक्षण की अवधारणा प्रस्तुत की थी और इसके लिए पंचायत राज विधेयक लोकसभा में पारित कराया था।
उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा ने इस विधेयक का विरोध किया था और इसे राज्यसभा में पारित नहीं होने दिया था। बाद में कांग्रेस के नरसिंह राव सरकार ने इसे लागू किया। इसके पश्चात डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने इस आरक्षण को ५० प्रतिशत तक बढ़ाया।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक भी सबसे पहले कांग्रेस नेतृत्व वाली डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने संसद के एक सदन में पारित कराया था। यह विधेयक २०१० में राज्यसभा से पारित हुआ था।
श्रीरंग बरगे ने कहा कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री, महिला राष्ट्रपति, महिला मुख्यमंत्री, महिला राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष देने का श्रेय भी कांग्रेस को ही जाता है।
उन्होंने भाजपा पर चुनाव आचार संहिता की अनदेखी कर जल्दबाजी में विधेयक लाकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली भाजपा ने आज तक किसी महिला को पार्टी अध्यक्ष नहीं बनाया।
इस पत्रकार परिषद में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल पाटील, प्रदेश कांग्रेस के सरचिटणीस मनीष गणोरे, सिकंदर शेख, पालघर तालुका कांग्रेस अध्यक्ष, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा पोतदार, संगीता धोंडे, श्वेता पाटील, अधिवक्ता प्रीती तिवारी, जिला सरचिटणीस मनोज पाटील, सुरेंद्र शेट्टी, रोशन पाटील सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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