पालघर: जिले क्लोरीन गैस रिसाव पर आधारित भव्य मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारी का सफल प्रदर्शन।

पालघर: जिले क्लोरीन गैस रिसाव पर आधारित भव्य मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारी का सफल प्रदर्शन।

अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के औद्योगिक सुरक्षा और सार्वजनिक आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पालघर जिला प्रशासन ने आज तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र में क्लोरीन गैस रिसाव की संभावित घटना पर आधारित एक बड़े स्तर की ऑफ-साइट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। यह अभ्यास रासायनिक दुर्घटना (आपातकालीन योजना, तैयारी एवं प्रतिक्रिया) नियम, 1996 के अंतर्गत किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान सुपरफॉर्म केमिस्ट्रीज नामक औद्योगिक इकाई में नीडल वाल्व के खराब होने से क्लोरीन गैस के बड़े पैमाने पर रिसाव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस परिदृश्य में एक कर्मचारी और आसपास के तीन नागरिकों के प्रभावित होने की कल्पना करते हुए तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय की गई।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखर (आईएएस) ने मुख्य घटना नियंत्रक के रूप में पूरे अभियान का नेतृत्व किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर संदीप पाटिल और अनुज पराटे ने मौके पर संचालन संभाला।
औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संचालनालय (DISH) के संयुक्त निदेशक माधव तोटेवाड़ (पालघर) और नरेश देवराज (वसई) के मार्गदर्शन में उपनिदेशक अमोल बैत, हिम्मतराव शिंदे और श्रीनिवास सब्बन ने पूरे अभ्यास की निगरानी की।
इस मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, अग्निशमन दल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB), परिवहन विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पुलिस विभाग ने एसीपी विनायक नरळे और उपाधीक्षक विकास नाईक के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी, यातायात नियंत्रित किया और आपातकालीन सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया। आरटीओ अधिकारी अविनाश काकड़ ने यातायात प्रबंधन में सहयोग किया।
रेड जोन में मौजूद नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य पंकज एम. गौतम के नेतृत्व में अजय राजपूत के सहयोग से किया गया। इस दौरान सिविल डिफेंस के काशीनाथ कुर्कुटे और एमएसआरटीसी के एजाज शेख ने समन्वय स्थापित किया।
अग्निशमन एवं बचाव कार्य अग्निशमन अधिकारी वैभव तांदेल और NDRF कमांडर पूनिया के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। औद्योगिक अग्निशमन टीम के रमेश हलवाई और मुकेश कदम ने विषैली गैस को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय किए।

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के उपक्षेत्रीय अधिकारी राजू वसावे और राजेंद्र पवार ने वायु गुणवत्ता की निगरानी कर सुरक्षा सुनिश्चित की।
चिकित्सकीय सहायता सिविल सर्जन डॉ. रामदास मराड के मार्गदर्शन में प्रदान की गई। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें आशिर्वाद अस्पताल और ठुंगा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. पराग कुलकर्णी और डॉ. दिलीप बिलोलीकर ने उनका उपचार कर उन्हें स्थिर किया।
इसके अलावा तारापुर इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TIMA) के अध्यक्ष डी. के. राऊत और संयोजक अरुण सावंत ने लॉजिस्टिक और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की।
इस सफल मॉक ड्रिल के माध्यम से पालघर जिला प्रशासन की औद्योगिक आपदा प्रबंधन में तैयारी, विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से सामने आई। इस अभ्यास ने यह संदेश दिया कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।

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