पालघर: जिले में ‘सामाजिक समता सप्ताह’ के तहत स्वच्छता अभियान और संविधान विषयक व्याख्यान आयोजित।

पालघर: जिले में ‘सामाजिक समता सप्ताह’ के तहत स्वच्छता अभियान और संविधान विषयक व्याख्यान आयोजित।

अखिलेश चौबे‌ 
पालघर। जिले में ‘सामाजिक समता सप्ताह’ के अवसर पर सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों से प्रेरित इन आयोजनों के माध्यम से समाज में समानता, स्वच्छता और जागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।
इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग, पालघर की ओर से टेंभोडे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नगर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत क्षेत्र में जमा कचरे की सफाई कर स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही, नागरिकों को विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंच सकें। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण सहायक आयुक्त पांडुरंग वाबळे ने की। अभियान में समाज कल्याण अधिकारी प्राजक्ता पानसरे, सहायक लेखाधिकारी ज्ञानेश पुरंदरे सहित विभागीय कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। स्थानीय नागरिकों—संजय राऊत, गुरुनाथ तांबे, महेंद्र जाधव, मुकेश गायकवाड, सुषमा लोखंडे, जयश्री गायकवाड, नयना लोखंडे, दीक्षा मोरे, तारा गायकवाड और निमिता गायकवाड—की उत्साही भागीदारी से यह अभियान और अधिक प्रभावी साबित हुआ।
दूसरी ओर, पालघर जिला परिषद सभागार में ‘संविधान निर्माण, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य तथा डॉ. आंबेडकर का महिलाओं के प्रति योगदान’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अतुल पारसकर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और इससे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होती हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में जिला परिषद समाज कल्याण अधिकारी डॉ. प्रकाश हसनाळकर ने डॉ. आंबेडकर के महिला सशक्तिकरण और उनके कानूनी अधिकारों के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आंबेडकर ने समाज में समानता स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका प्रभाव आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

कार्यक्रम में समाज कल्याण सहायक आयुक्त पांडुरंग वाबळे, प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सोनाली मातेकर, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अशोक पाटील, जिला कार्यक्रम अधिकारी व्यंकटराव ढुंडेकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष 8 से 14 अप्रैल तक ‘भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक समता सप्ताह’ मनाया जाता है। इस दौरान समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और सामाजिक समता की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाता है।
कुल मिलाकर, पालघर में आयोजित ये दोनों कार्यक्रम सामाजिक समता सप्ताह के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुए। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल स्वच्छता और जागरूकता का संदेश दिया गया, बल्कि संविधान के मूल्यों और सामाजिक समानता की भावना को भी मजबूती प्रदान की गई।

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