पालघर: विराज प्रोफाइल के विस्तार के विरोध में स्थानीयों का जनआक्रोश मोर्चा; जनसुनवाई रद्द करने की उठी मांग।
पालघर: विराज प्रोफाइल के विस्तार के विरोध में स्थानीयों का जनआक्रोश मोर्चा; जनसुनवाई रद्द करने की उठी मांग।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के तारापुर औद्योगिक क्षेत्र के समीप स्थित मान-वारांगडे ग्रामपंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित विराज प्रोफाइल एसआरएम स्टील उद्योग के विस्तार प्रकल्प के विरोध में शनिवार को स्थानीय नागरिकों ने भीषण गर्मी के बीच जोरदार जन आक्रोश मोर्चा निकाला। इस दौरान आंदोलनकारियों ने 8 अप्रैल को प्रस्तावित पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आयोजित जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।
यह मोर्चा मान ग्रामपंचायत से शुरू होकर विराज प्रोफाइल कंपनी के हाथी गेट तक निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में नागरिक शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने विराज कंपनी के खिलाफ तीव्र नारेबाजी की और बोईसर-चिल्हार मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित कर दिया, जिससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
मोर्चे के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए बोईसर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव के नेतृत्व में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। मोर्चे में शिवसेना के जिल्हा प्रमुख कुंदन संखे, मनसे के जिल्हा प्रमुख समीर मोरे, भावेश चुरी, बहुजन विकास आघाड़ी के प्रशांत पाटील, कुणबी सेना के पालघर जिलाध्यक्ष अविनाश पाटील, पी. डेरिल डिमेलो, आरपीआई के सचिन लोखंडे, भाजपा के महेंद्र भोणे, अंकुर राऊत, आदिवासी एकता परिषद की नीता काटकर, उलगुलान ब्रिगेड के अशोक शिंगाडा, सरपंच अंजली भावर तथा राहुल पाटील सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार, मान-वारांगडे ग्रामपंचायत की सीमा में लगभग 105 एकड़ भूमि पर विराज प्रोफाइल एसआरएम उद्योग के विस्तार का प्रस्ताव रखा गया है। इस संबंध में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, तारापुर-2 कार्यालय द्वारा 8 अप्रैल को कंपनी के हाथी गेट परिसर में जनसुनवाई आयोजित की गई है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और संघर्ष समिति ने इस जनसुनवाई का कड़ा विरोध किया है।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि मान-वारांगडे ग्रामपंचायत एक पेसा ग्रामपंचायत है, लेकिन ग्रामसभा की अनुमति लिए बिना एकतरफा और जबरन तरीके से जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, जो पेसा कानून का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि 24 मार्च 2026 को आयोजित ग्रामसभा में ग्रामस्थों ने सर्वसम्मति से विराज प्रोफाइल के विस्तार प्रकल्प के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था।
स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि इस विस्तार परियोजना के कारण आदिवासी परिवारों का विस्थापन होगा और उन्हें अपने गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही, क्षेत्र में जल एवं वायु प्रदूषण की समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है। नागरिकों का यह भी कहना है कि वर्तमान में संचालित विराज प्रोफाइल उद्योग के कारण मान-वारांगडे क्षेत्र के प्राकृतिक नाले, पेयजल स्रोत और कृषि भूमि पहले से ही प्रदूषित हो चुकी है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:
पेसा कानून का उल्लंघन कर कंपनी परिसर में आयोजित की जा रही जनसुनवाई को तत्काल रद्द किया जाए।
24 मार्च 2026 की ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव का सम्मान करते हुए इस विस्तार परियोजना को अनुमति न दी जाए।
प्रदूषण नियंत्रण और अन्य कानूनी प्रावधानों का पालन न करने के कारण विराज कंपनी को मान गांव से हटाया जाए।
कुल मिलाकर, विराज प्रोफाइल के प्रस्तावित विस्तार को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध देखने को मिल रहा है और 8 अप्रैल की जनसुनवाई को लेकर प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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