नवी मुंबई: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने कोकण विभाग का व्यापक आकलन किया।महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश।
नवी मुंबई: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने कोकण विभाग का व्यापक आकलन किया।
महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश।
अखिलेश चौबे
नवी मुंबई। ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने नवी मुंबई में कोकण क्षेत्र की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से संबंधित योजनाओं, शिकायतों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग देश में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए कार्य करने वाली एक महत्वपूर्ण वैधानिक संस्था है, जिसकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
इस समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय महिला आयोग की अतिरिक्त सचिव राधिका चक्रवर्ती, राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे, ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, दूरदर्शन प्रणाली के माध्यम से रायगढ़, पालघर और रत्नागिरी के जिलाधिकारी, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, विधिक प्राधिकरण के अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी जुड़े।
बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और लखपति दीदी योजना जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं। विजया रहाटकर ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विभागों से प्राप्त सुझावों को आयोग केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में महाराष्ट्र अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण अपराध बढ़ने की संभावना रहती है, लेकिन इससे निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अधिक प्रभावी और सक्रिय उपाय अपनाने होंगे।
महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक सप्ताह में कम से कम एक दिन महिलाओं के लिए विशेष समय निर्धारित करें, ताकि महिलाएं सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रख सकें। इससे लंबित मामलों के शीघ्र समाधान में सहायता मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एकल सहायता केंद्र, संरक्षण अधिकारी और स्थानीय समितियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। जिलाधिकारी और पुलिस प्रमुखों को नियमित संयुक्त बैठकें कर मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जरूरतमंद महिलाओं को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
विजया रहाटकर ने सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों में महिलाओं की शिकायतों के लिए गठित आंतरिक समिति और स्थानीय समिति के सक्रिय रूप से कार्यरत होने की भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरे के दौरान आयोजित जनसुनवाई में कई मामलों की सीधे सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए। साथ ही महिलाओं की सहायता के लिए आयोग की चौबीसों घंटे संचालित सहायता क्रमांक 14490 के बारे में भी जानकारी दी गई।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के अभियानों से महिलाओं में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा और उनकी समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।
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