नवी मुंबई: महिलाओं का कानून और प्रशासन पर विश्वास बढ़ाना जरूरी: विजया रहाटकर।‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल के तहत नवी मुंबई में 28 मामलों की सुनवाई पूरी।
नवी मुंबई: महिलाओं का कानून और प्रशासन पर विश्वास बढ़ाना जरूरी: विजया रहाटकर।
‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल के तहत नवी मुंबई में 28 मामलों की सुनवाई पूरी।
अखिलेश चौबे
नवी मुंबई। महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के उद्देश्य से आयोजित ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल के अंतर्गत महिलाओं का कानून और प्रशासन पर विश्वास बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे उपक्रम महिलाओं को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बात राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कही।
नवी मुंबई के बेलापुर स्थित सिडको भवन में आयोजित महिला जनसुनवाई की अध्यक्षता करते हुए रहाटकर ने बताया कि इस दौरान कुल 28 मामलों की सुनवाई पूरी की गई, जबकि शेष मामलों के जल्द निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
इस जनसुनवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग की अतिरिक्त सचिव राधिका चक्रवर्ती, राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे, ठाणे के जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल, नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे, विधि प्राधिकरण के अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के लिए आयोग को कुल 63 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 28 पहले से पंजीकृत शिकायतें थीं, जबकि 35 नई शिकायतें वॉक-इन के माध्यम से दर्ज की गईं। 28 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 35 मामलों के निपटारे के लिए अगले आठ दिनों में कार्रवाई की जाएगी। कुछ मामले न्यायालय में लंबित होने के कारण उनमें समय लग सकता है, लेकिन अधिकांश मामलों में सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद जताई गई है।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं के खिलाफ विभिन्न प्रकार के अपराधों से जुड़े मामलों पर विचार किया गया। इनमें बलात्कार या बलात्कार के प्रयास का 1 मामला, यौन उत्पीड़न के 5 मामले, मारपीट के 3 मामले, घरेलू हिंसा के 14 मामले, दहेज उत्पीड़न के 3 मामले, साइबर अपराध का 1 मामला और अपहरण का 1 मामला शामिल है।
रहाटकर ने बताया कि जनसुनवाई के प्रचार और प्रशासन की अपील के बाद 35 और महिलाएं अपनी शिकायत लेकर सामने आईं। इन मामलों में भी घरेलू हिंसा और अत्याचार से जुड़े कई प्रकरण शामिल हैं। विशेष रूप से घरेलू हिंसा के मामलों में काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से पारिवारिक विवादों को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। ठाणे, नवी मुंबई और राज्य महिला आयोग के काउंसलर तथा प्रोटेक्शन अधिकारी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए रहाटकर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून मजबूत और पर्याप्त हैं, लेकिन उनका सही और समय पर पालन होना बेहद जरूरी है। यदि स्थानीय स्तर पर ही शिकायतों का समाधान हो जाए, तो इस प्रकार के विशेष अभियानों की आवश्यकता कम हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निचले स्तर की व्यवस्थाओं में पाई जाने वाली कमियों को दूर करने के लिए आयोग आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहा है।
उन्होंने दोहराया कि महिलाओं का कानून और प्रशासन पर विश्वास बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसे उपक्रम इस दिशा में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित हो रहे हैं।
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