पालघर: मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न, संभावित आपदाओं से निपटने को प्रशासन पूरी तरह सतर्क।जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने 24×7 नियंत्रण कक्ष, राहत व्यवस्था और तटीय सुरक्षा पर दिए विशेष निर्देश।

पालघर: मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न, संभावित आपदाओं से निपटने को प्रशासन पूरी तरह सतर्क।
जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने 24×7 नियंत्रण कक्ष, राहत व्यवस्था और तटीय सुरक्षा पर दिए विशेष निर्देश।

अखिलेश चौबे
पालघर। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए पालघर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की गई है। यह जानकारी जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से आयोजित बैठक में दी। जिला कलेक्ट्रेट स्थित लोकशाहीर आत्माराम पाटील सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बाढ़, भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में जलभराव, तटीय क्षेत्रों में खतरे और यातायात बाधाओं जैसी संभावित समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी किनारे के गांवों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और समुद्र तट के आसपास बसे इलाकों में समय रहते आवश्यक उपाय किए जाएं।
इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, सहायक पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे, निवासी उपजिल्हाधिकारी सुभाष भागडे, जिला नियोजन अधिकारी प्रशांत भामरे और आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बाढ़ संभावित गांवों, जलमग्न होने वाले पुलों और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित आपदा मित्र और सखी, नाव चालक, राहत शिविरों और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए 24 घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष संचालित रखने के आदेश दिए। नालों की सफाई, खतरनाक होर्डिंग्स हटाने, जर्जर इमारतों की जांच और बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को अद्यतन करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाओं का भंडार और आपातकालीन चिकित्सा दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पुलिस, अग्निशमन, सार्वजनिक निर्माण, विद्युत और दूरसंचार विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है। नदियों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और पूर्व चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया गया।
तटीय क्षेत्रों के लिए विशेष सावधानी बरतते हुए मछुआरों को सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराने, आवश्यकता पड़ने पर समुद्र में जाने पर प्रतिबंध लगाने और खोज एवं बचाव कार्यों के लिए तटरक्षक दल को तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने सभी विभागों से एकजुट होकर कार्य करने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी, जिससे संभावित आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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