नवी मुंबई: “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम हेतु व्यापक तैयारियाँ, भाविकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता — डॉ. श्रीकर परदेशी।
नवी मुंबई: “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम हेतु व्यापक तैयारियाँ, भाविकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता — डॉ. श्रीकर परदेशी।
अखिलेश चौबे
नवी मुंबई। “हिंद-दी-चादर” भव्य कार्यक्रम के सफल आयोजन तथा आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी ने दूरदृश्य प्रणाली (वीडियो कॉन्फ्रेंस) के माध्यम से संबंधित विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी भाविक को असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करें।
डॉ. परदेशी ने श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाने वाले फूड स्टॉल, लंगर आदि में स्वच्छता, शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में भाग लेने आएंगे, इसलिए प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क और तैयार रहना आवश्यक है।
बैठक में कोंकण विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने अब तक की तैयारियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर आधारभूत सुविधाएँ, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छता तथा आपातकालीन तंत्र की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सुप्रसिद्ध गायक सतिंदर सरताज सिंह द्वारा गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर आधारित गीत को कोंकण विभाग की लगभग 20 हजार शैक्षणिक संस्थाओं के 51 लाख विद्यार्थियों तथा 1 लाख 50 हजार शिक्षकों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से गाकर ‘बेस्ट ऑफ इंडिया’ रिकॉर्ड में विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि पर डॉ. परदेशी ने सभी संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी।
इसके अतिरिक्त “हिंद दी चादर” — श्री गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब जी की शिक्षाओं पर आधारित 13 लेखों को 13 भाषाओं में ई-बुक स्वरूप में प्रकाशित किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
कार्यक्रम में संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात जाम से बचने के लिए विशेष मार्ग योजना तैयार की गई है। पुलिस विभाग द्वारा व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त, सीसीटीवी निगरानी, नियंत्रण कक्ष तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सायबर पुलिस तथा एटीएस की सहायता भी ली जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल पर पाँच अस्थायी चिकित्सा केंद्र तथा एक आईसीयू स्थापित किया जाएगा। निकटवर्ती अस्पतालों में 350 सामान्य बेड और 75 आईसीयू बेड आरक्षित रखे गए हैं। साथ ही एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और प्राथमिक उपचार केंद्र भी उपलब्ध रहेंगे।
खारघर स्थित ओवे मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में एक समय में लगभग पाँच लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जबकि मुख्य मंडप में लगभग 80 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। मंडप निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। जलापूर्ति, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति और प्रकाश व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और कार्य प्रगति पर है।
मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, पनवेल, उल्हासनगर और भिवंडी क्षेत्र में कुल 219 होर्डिंग्स के माध्यम से कार्यक्रम का प्रचार किया जा रहा है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 30 पार्किंग स्थलों की पहचान की गई है। जेएनपीए क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 25 हजार भारी वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विशेष यातायात योजना लागू की जाएगी।
लंगर व्यवस्था के लिए लगभग 1,000 गैस सिलेंडर तथा आवश्यक ईंधन की व्यवस्था की गई है। साथ ही पेयजल और बोतलबंद पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में ठाणे जिल्हाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ, ठाणे महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव, विभागीय अपर आयुक्त फरोग मुकादम, वैशाली इंदानी-उंटवाल, सहआयुक्त विजयकुमार म्हसाळ, रविंद्र पवार, उपायुक्त डॉ. सागर घोलप, प्रभारी माहिती उपसंचालक मनोज सानप सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त “हिंद दी चादर” शहिदी समागम राज्य समिति के मुख्य समन्वयक रामेश्वर नाईक, अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ विभाग के सचिव रूचेश जयवंशी, विभिन्न संभागों के आयुक्त, जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी ने अंत में पुनः जोर देकर कहा कि कार्यक्रम की विशालता को देखते हुए सभी विभागों को परस्पर समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके तथा यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो।
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