पालघर: डहाणू नगराध्यक्ष चुनाव: विपक्ष के आरोपों पर फडणवीस का पलट वार, कहा—‘विकास ही देगा असली जवाब’
पालघर: डहाणू नगराध्यक्ष चुनाव: विपक्ष के आरोपों पर फडणवीस का पलट वार, कहा—‘विकास ही देगा असली जवाब’
अखिलेश चौबे
पालघर। नगर परिषद चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष द्वारा डहाणू नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार भरत राजपूत को ‘लंके का रावण’ कहकर घेरने के प्रयास पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका दल प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलने वाला है और ‘भरत’ तो स्वयं प्रभु श्रीराम के भाई का नाम है। ऐसे में विपक्षी दलों के ‘रावण’ का दहन विकास के माध्यम से भरत राजपूत ही करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि जनता भरत राजपूत को विजयी बनाती है, तो महाराष्ट्र सरकार पूरी ताकत के साथ डहाणू के विकास के लिए उनके साथ खड़ी होगी।
डहाणू नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार भरत राजपूत और नगरसेवक पद के 27 उम्मीदवारों के समर्थन में शनिवार सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सभा आयोजित हुई।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी की आलोचना करने नहीं, बल्कि सिर्फ सकारात्मक विकास पर बात करने आए हैं।
सभा के दौरान भरत राजपूत का जन्मदिन भी मनाया गया। संविधान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया।
इस दौरान मंच पर पालकमंत्री गणेश नाईक, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, बाबाजी काटोले, जगदीश राजपूत, पंकज कोरे, रोहींटन झाईवाला, विषाल नांदलसकर सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
“भरत रावण कैसे हो सकते हैं?”—फडणवीस का जवाब
विपक्ष द्वारा किए गए ‘लंका–रावण’ वाले तंज पर मुख्यमंत्री ने कहा: “रामायण में भरत, प्रभु श्रीराम के भाई हैं। वह लंका के रावण कैसे हो सकते हैं? हमारा दल प्रभु राम को मानने वाला है। विपक्ष में जो कोई ‘रावण’ होगा, उसका दहन भरत राजपूत विकास के माध्यम से करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि विकास कार्यों के लिए आवश्यक शक्ति वह स्वयं, पालकमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष मिलकर भरत राजपूत के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शहरों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर धन देती हैं। ऐसे में वह धन पारदर्शी तरीके से उपयोग करने वाले प्रतिनिधि आवश्यक हैं।
भरत राजपूत को ऐसा व्यक्ति बताया— “जिसे विकास योजनाओं की प्रक्रिया, फाइलें कैसे आगे बढ़ती हैं, और विकास के लिए धन कैसे लाया जाता है, यह अच्छी तरह पता है।”
◾पालघर जिले के विकास का खाका: चौथी मुंबई, बंदरगाह व रोजगार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में पालघर जिले के समग्र विकास का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह जिला भले ही आदिवासी बहुल हो, लेकिन अब इसकी छवि तेजी से बदल रही है और यह विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाढवण बंदरगाह परियोजना से लगभग 10 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि पालघर में नए विमानतल की योजना पर भी कार्य जारी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महाराष्ट्र की प्रस्तावित “चौथी मुंबई” का विकास इसी जिले में किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार, निवेश और आधारभूत संरचना के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि डहाणू के प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखते हुए जो विकास कार्य वर्षों से ठप पड़े हैं, उन्हें दोबारा गति दी जाएगी। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि सिर्फ विरोध करने से विकास रुकता नहीं है, इसलिए क्षेत्र की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में 40 हजार गांवों जितनी ही आबादी 400 शहरों में रहती है, जहां झुग्गियाँ, सड़कों की बदहाली, कचरा प्रबंधन, और सांडपानी जैसी समस्याएँ गंभीर हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं — विशेषकर ‘अमृत योजना’ — का सहारा लेकर कई प्रकल्प शुरू किए जा सकते हैं।
◾डहाणू के लिए प्रस्तावित योजनाएँ— मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में डहाणू के लिए प्रस्तावित विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में अतिक्रमण को नियमित कर बेघर लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही कचरे से खाद बनाने की परियोजना, सांडपानी शुद्धिकरण संयंत्र और ‘टाकाऊ से संपत्ति’ मॉडल पर आधारित नवीन योजनाएँ शुरू की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि डहाणू के चीकू की बढ़ती मांग को देखते हुए इसके निर्यात को गति देने के लिए अलग से बाज़ार समिति का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इन सभी योजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता और अनुभव भरत राजपूत के पास है, इसलिए उनके नेतृत्व में डहाणू तेजी से विकास कर सकता है।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के हजारों करोड़ रुपये की राशि किसी मध्यस्थ के हाथ न जाकर योग्य और अनुभव वाले लोगों के हाथ में जानी चाहिए।
इसी कारण नगर परिषद को ऐसे कार्यकर्ताओं को सौंपना आवश्यक है, जो विचारधारा पर चलते हों और जिन्हें काम का अनुभव हो।
“डहाणू में परिवर्तन निश्चित”—नाइक और चव्हाण का विश्वास"
सभा में पालकमंत्री गणेश नाईक ने भरत राजपूत के संगठन कौशल और कार्यकुशलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि जनता उन्हें नगर परिषद की जिम्मेदारी सौंपती है, तो डहाणू में बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि पालघर जिले में पार्टी संगठन की नींव चिंतामण वनगा और विष्णु सावरा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने रखी थी।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी नगर परिषद और जिला परिषद चुनावों में भी पार्टी को सफलता मिलेगी।
◾भरत राजपूत ने रखी विकास कार्यों की रिपोर्ट और भविष्य की माँगें।
प्रास्ताविक भाषण में भरत राजपूत ने वर्ष 2017 में नगर परिषद के नियंत्रण में आने के बाद पूरे किए गए प्रमुख विकास कार्यों का विस्तृत विवरण रखा। उन्होंने अगले चरण में डहाणू के महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रस्ताव भी मंच पर रखे। भूमिगत नालियों सहित कई अधोसंरचना योजनाएँ उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष आधिकारिक रूप से प्रस्तुत कीं। विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भरत राजपूत ने कहा, “यदि वे हमें रावण कहते हैं, तो क्या सचमुच हमारी कोई दहशत है? हम तो केवल लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच रहकर कार्य कर रहे हैं।” सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी उनके काम और नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए भरत राजपूत के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया।
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