पालघर: तारापूर में सहकारी सोसायटी चुनाव के बाद बवाल; विजेता उम्मीदवारों पर हमला, आरोपियों पर एफआईआर दर्ज।
पालघर: तारापूर में सहकारी सोसायटी चुनाव के बाद बवाल; विजेता उम्मीदवारों पर हमला, आरोपियों पर एफआईआर दर्ज।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के तारापूर क्षेत्र की साने गुरुजी को-ऑपरेटिव सोसायटी के चुनाव परिणाम घोषित होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि विजयी गुट के उम्मीदवार अशोक और अमृत पर विरोधी गुट के लोगों ने हमला कर उन्हें बुरी तरह पीटा। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल बोईसर स्थित आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इसके बाद नागरिकों का जमावड़ा तारापूर पुलिस स्टेशन पहुँच गया, जहाँ उन्होंने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस निरीक्षक ने घायल पीड़ितों को पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर ही रोक दिया और उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया।
इसके अलावा, विरोधी गुट के वे लोग, जिन पर हमले का आरोप है, पुलिस स्टेशन के भीतर मौजूद थे—यह दावा भी भीड़ की ओर से किया गया।
पुलिस के इस रवैये से भीड़ का आक्रोश और बढ़ गया। इसी दौरान ‘उलगुलान ब्रिगेड’ के नेता अशोक सिंघाड़ा ने आंदोलन की कमान संभाली और पुलिस के खिलाफ तीखे नारे लगाते हुए विरोध का नेतृत्व किया।
◾जातीय और धार्मिक अपमान का आरोप
पीड़ित अशोक और अमृत ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने न सिर्फ उन्हें पीटा, बल्कि उनकी जाति और धर्म के आधार पर अपमानजनक गालियाँ भी दीं। इसी वजह से पीड़ितों और उनके समर्थकों ने मांग की कि आरोपियों पर सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि अत्याचार प्रतिबंधक कानून के तहत भी मामला दर्ज किया जाए।
◾FIR दर्ज, आरोपियों पर मामला कायम
घटना के संबंध में तारापूर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर क्रमांक 0071, वर्ष 2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं, जिनमें धारा 189(1), 189(2), 191(2), 190, 225, 352, 351(2) शामिल हैं। इसके अलावा, अत्याचार प्रतिबंधक अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) भी लागू की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना 23 नवंबर को शाम 3:45 बजे के आसपास हुई और इसकी जानकारी 24 नवंबर को तड़के 2:59 बजे पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। आरोपियों की भूमिका, घटनास्थल और साक्ष्य की पुष्टि के लिए आगे की कार्रवाई लगातार जारी है।
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