पालघर: ऑनलाइन ठगी से गई रकम 12 घंटे के भीतर पीड़ित को वापस दिलाने में पुलिस को मिली बड़ी सफलता।
पालघर: ऑनलाइन ठगी से गई रकम 12 घंटे के भीतर पीड़ित को वापस दिलाने में पुलिस को मिली बड़ी सफलता।
अखिलेश चौबे
पालघर। 13 जुलाई 2025 को शाम 5:30 बजे, भास्कर दामोदर जाधव (उम्र 55 वर्ष), निवासी आगरआळी वाडा, तालुका वाडा, जिला के वाडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि उनके मोबाइल में मौजूद SBI YONO ऐप से उनकी फिक्स डिपॉजिट की राशि किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो रही है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने Google पर “YONO app update-2025” सर्च किया था, जिसके बाद एक अज्ञात नंबर से उनके मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें YONO ऐप अपडेट करने की जानकारी दी और उनका व्हाट्सऐप नंबर पूछकर वहां एक APK फाइल भेजी। उसने उस फॉर्म को भरने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने फॉर्म अधूरा भरने के बाद उसे संदेह हुआ और उन्होंने भरना बंद कर दिया। लेकिन YONO ऐप लॉग इन करने का प्रयास करने पर वह बंद हो गया।
इसके बाद उन्होंने SBI के कस्टमर केयर नंबर 18001234 पर कॉल किया, जहां उन्हें बताया गया कि ऐप 24 घंटे के बाद खुल पाएगा। इसी बीच स्कैमर ने दोबारा कॉल कर कहा कि अगर ऐप नहीं खुल रहा है तो अधूरा फॉर्म पूरा करें। शिकायतकर्ता ने वह फॉर्म पूरा भर दिया। फिर स्कैमर ने उन्हें एक व्हाट्सऐप कॉल पर पासवर्ड जनरेट करने का तरीका बताया और जैसे ही उन्होंने कॉल उठाया, उनके खाते से पैसे ट्रांसफर होना शुरू हो गए।
शिकायतकर्ता के खाते से क्रमश: ₹1,95,000, ₹1,80,000, ₹1,20,000 और ₹50,000 यानी कुल ₹5,45,000 रुपये की ठगी की गई।
घटना के तुरंत बाद भास्कर जाधव वाडा पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां पुलिस उपनिरीक्षक पल्लवी बाणे ने साइबर पुलिस ठाणे की प्रभारी अधिकारी रूपाली गुंड के सहयोग से ‘गोल्डन आवर’ (पहले एक घंटे) के भीतर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की। साथ ही, SBI के कस्टमर केयर से संपर्क कर संदिग्ध खाते के लेन-देन को रोका गया।
तकनीकी मदद के जरिए पुलिस को कुल ₹5,45,000 में से ₹4,95,000 की रकम 12 घंटे के भीतर वापस दिलाने में सफलता मिली।
इस कार्रवाई को यतिश देशमुख (पुलिस अधीक्षक, पालघर), विनायक नरळे (अपर पुलिस अधीक्षक), गणपत पिंगळे (उपविभागीय अधिकारी, जव्हार), दत्तात्रय किंद्रे (निरीक्षक, वाडा पुलिस), पल्लवी बाणे, सुमेध मेढे, चेतन सोनावणे (वाडा पुलिस), रूपाली गुंड, रामदास दुर्गेष्ट, महादेव सांगवे (साइबर पुलिस, पालघर) की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समन्वय के चलते शिकायतकर्ता की बड़ी धनराशि बचाई जा सकी और साइबर अपराधियों को ट्रैक कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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