पालघर जिले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चार सप्ताह में शुरू करने का आदेश..!
पालघर जिले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चार सप्ताह में शुरू करने का आदेश..!
अखिलेश चौबे
पालघर..! बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि पालघर जिले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग को चार सप्ताह के भीतर कार्यात्मक बनाया जाए। इसके साथ ही आदेश का पालन करने के दो सप्ताह के भीतर सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया है।
इससे पहले राज्य सरकार ने बुधवार को हलफनामा दाखिल करते हुए जानकारी दी थी कि आयोग को दो सप्ताह के भीतर कार्य करने के लिए तैयार कर दिया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका दत्ता अडोडे की ओर से वकील सुमित काटे द्वारा दायर की गई थी।
राज्य सरकार के वकील ने अदालत को सूचित किया कि 4 फरवरी 2025 को एक सरकारी अधिसूचना जारी कर पालघर में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की स्थापना की जा चुकी है। इसके अलावा, 10 फरवरी को एक और अधिसूचना जारी कर आयोग के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि उपभोक्ता आयोग कब से काम करना शुरू करेगा। इस पर सरकारी वकील ने बताया कि आयोग के लिए आवश्यक स्टाफ दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि आयोग को चार सप्ताह के भीतर पूरी तरह से चालू किया जाए और उसके दो सप्ताह बाद आदेश का पालन करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 28 के तहत राज्य सरकार को प्रत्येक जिले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग स्थापित करना अनिवार्य है। पालघर में आयोग की स्थापना के लिए कलेक्टर कार्यालय के कमरा नंबर 101 को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है।
इस निर्देश के बाद पालघर जिले के उपभोक्ताओं को जल्द ही स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण के लिए एक मंच उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें न्याय प्राप्त करने में आसानी होगी।
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