पालघर: बोइसर में ऐतिहासिक नाट्य मंचन: ‘देवी अहिल्या की पुण्यगाथा’ ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध..!
पालघर: बोइसर में ऐतिहासिक नाट्य मंचन: ‘देवी अहिल्या की पुण्यगाथा’ ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध..!
अखिलेश चौबे
पालघर..! बोइसर, 24 फरवरी – संस्कृति, समाजसेवा और सेवा की प्रेरणा देने वाले ‘विश्वमांगल्य सभा’ द्वारा आयोजित भव्य नाट्य मंचन ‘देवी अहिल्या की पुण्यगाथा’ का भव्य आयोजन सोमवार, 24 फरवरी को संपन्न हुआ। इस नाटक मंचन को देखने के लिए बोइसर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। कार्यक्रम का आयोजन एम3एम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। राजमाता अहिल्या बाई होल्कर के बलिदान, न्यायप्रियता और समाज सुधार के कार्यों को उजागर करता यह नाटक दर्शकों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। मंच पर देवी अहिल्या के जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहद प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों में गहरी छाप छोड़ी।
इस अवसर पर विशेष अतिथियों में स्वामी नारायणदास सरस्वती, सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सावारकर, प्रशांत हलदरकर, तालिनी हावरे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पुरुषोत्तम भगेरीया, चेयरमैन मैसर्स भगेरीया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ने भी कार्यक्रम की भव्यता की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान बप्पाजी जोशी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विश्वमांगल्य सभा ने कहा कि, "अहिल्या बाई का जीवन समर्पण, सेवा और न्याय की मिसाल है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।"
इस भव्य नाटक मंचन में स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी। मंच की सजावट और आधुनिक लाइटिंग ने प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बनाया। आयोजन समिति ने बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नाटकों को आगे भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भारतीय समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रह सके।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ, जिसके बाद अतिथियों ने मंच पर कलाकारों का अभिनंदन किया। दर्शकों ने नाटक की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने का एक अनूठा प्रयास बताया।
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