पालघर: राज्य अन्न आयोग का पालघर दौरा, आदिवासी और जरूरतमंदों तक योजनाओं की पहुंच पर जोर।अंत्योदय योजना के लाभार्थियों की समीक्षा, कुपोषण उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश।
पालघर: राज्य अन्न आयोग का पालघर दौरा, आदिवासी और जरूरतमंदों तक योजनाओं की पहुंच पर जोर।
अंत्योदय योजना के लाभार्थियों की समीक्षा, कुपोषण उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश।
अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र राज्य अन्न आयोग के अध्यक्ष महेश ढवळे और सदस्य रणजित निबांळकर का पालघर जिले का तीन दिवसीय दौरा 21 मई 2026 तक जारी है। इस दौरे के दौरान अन्न सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दौरे के पहले दिन पालघर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निवासी उपजिल्हाधिकारी सुभाष भागडे, उपजिल्हाधिकारी रविंद्र राजपूत, जिला आपूर्ति अधिकारी सीमा महाले, जिले के आठों तालुकों के आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक मौजूद रहे। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के शहरी व ग्रामीण अधिकारी, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के वैद्यकीय अधिकारी तथा वसई-विरार महानगरपालिका के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में अंत्योदय योजना के पुराने लाभार्थियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वर्तमान समय में आर्थिक रूप से कमजोर, आदिवासी और जरूरतमंद नागरिकों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक बताया गया। “भिक मुक्त महाराष्ट्र” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करते हुए सड़क किनारे गजरे बेचने वाले, सब्जी विक्रेता और फल विक्रेताओं जैसे उपेक्षित वर्गों तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान 20 और 21 मई को राज्य अन्न आयोग के दल ने सरकारी धान्य गोदाम, शालेय पोषण आहार आपूर्ति गोदाम और महिला एवं बाल विकास सेवाओं से जुड़े गोदामों का निरीक्षण किया। 21 मई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय पालघर में महेश ढवळे के हाथों जिले के 52 पात्र परिवारों को अंत्योदय योजना के तहत शिधापत्रिका वितरित की गई।
कार्यक्रम के दौरान महेश ढवळे ने लाभार्थियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आपूर्ति विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा केंद्रीय स्वयंपाकगृह, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और सस्ते अनाज दुकानों की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई, ताकि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था का प्रभावी आकलन किया जा सके।
आपूर्ति विभाग के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी पात्र नागरिक को योजना से वंचित न रहना पड़े।
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