पालघर: जिले में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ का शुभारंभ, 654 गांवों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प।
पालघर: जिले में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ का शुभारंभ, 654 गांवों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प।
अखिलेश चौबे
पालघर। आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के उद्देश्य से पालघर जिले में ‘जनभागीदारी अभियान’ के तहत ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। “सबसे दूर, सबसे पहले” के मूल मंत्र से प्रेरित इस अभियान के माध्यम से प्रशासन ने जिले के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पात्र आदिवासी परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया है।
जिल्हाधिकारी कार्यालय, पालघर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता निवासी उपजिल्हाधिकारी सुभाष भागडे ने की। वहीं प्रकल्प अधिकारी तथा सहाय्यक जिल्हाधिकारी डॉ. विशाल खत्री और डॉ. अपूर्वा बासुर के हाथों अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अभियान के अंतर्गत केंद्र सरकार की महत्त्वपूर्ण योजनाएं PM-JANMAN और धरती आबा अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के सभी पात्र आदिवासी परिवारों तक शासकीय योजनाओं की 100 प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन, सिकल सेल बीमारी के प्रति जनजागरूकता अभियान तथा ‘जनसुनवाई’ के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।
इसके साथ ही ग्राम स्तर पर आदिवासी समुदाय को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए ‘आदि सेवा केंद्र’ (ASK) की संकल्पना लागू की जाएगी। यह केंद्र ग्रामीण स्तर पर एक सम्मानजनक मंच के रूप में कार्य करेगा।
यह अभियान पालघर जिले के आठ तालुकों—जव्हार, मोखाडा, विक्रमगड, वाडा, पालघर, डहाणू, तलासरी और वसई—के कुल 654 गांवों में प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा। अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक नोडल अधिकारी को ‘लाभार्थी संतृप्ति’ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर उपजिल्हाधिकारी रणजीत देसाई और उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक पाटील सहित जव्हार और डहाणू परियोजना क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने इस अभियान के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के सम्मान को बनाए रखते हुए विकास की धारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है। साथ ही यह भी कहा गया कि ‘जनभागीदारी अभियान’ पालघर जिले में आदिवासी विकास के एक नए युग की शुरुआत साबित होगा।
अभियान के अंतर्गत 18 से 25 मई के बीच विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें सभी आदिवासी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने आवश्यक दस्तावेज एवं प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया पूर्ण करें।
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