पालघर: विकसित भारत के संकल्प में जिले की भूमिका अहम: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा।डहाणू में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं का लोकार्पण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास का खाका तैयार करने का ऐलान।
पालघर: विकसित भारत के संकल्प में जिले की भूमिका अहम: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा।
डहाणू में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं का लोकार्पण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास का खाका तैयार करने का ऐलान।
अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पालघर जिले के समग्र विकास के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।
डहाणू तहसील के ओसरवीरा में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने यह विचार व्यक्त किए। यह कार्यक्रम अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया था, जहां वनबंधू ट्रस्ट और भारत विकास संगम के संयुक्त प्रयास से दुर्गम क्षेत्रों के लिए मोबाइल क्लीनिक और एंबुलेंस सेवाओं का लोकार्पण किया गया।
मार्च 2026 में राज्यपाल पद संभालने के बाद यह उनका पालघर जिले का पहला दौरा था, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में भारत विकास संगम के संरक्षक संजय पटेल, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, वनबंधू ट्रस्ट के अध्यक्ष लाडूलाल सोनी, योगायतन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह और वरिष्ठ समाजसेवी सुशील सिंघानिया सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन की शुरुआत ‘सर्वे भवन्तु निरामयः’ मंत्र के साथ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं केवल शहरों तक सीमित न रहकर दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने पालघर जैसे आदिवासी बहुल जिले में रोजगार, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।
राज्यपाल ने यह भी घोषणा की कि पालघर जिले में ‘आदर्श गांव’ की संकल्पना को लागू करने के लिए लोकभवन स्तर पर योजना बनाई जा रही है। इसके लिए जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ बैठक कर एक व्यापक विकास योजना तैयार की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया में ‘अंत्योदय’ यानी समाज के अंतिम व्यक्ति को प्राथमिकता देना जरूरी है। वनबंधू ट्रस्ट द्वारा दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाएं, एंबुलेंस और डॉक्टर उपलब्ध कराने के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
उन्होंने कहा कि केवल पेशेवर सफलता ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज की सेवा करना उससे भी बड़ा कार्य है। पीड़ितों की सेवा को उन्होंने सच्चा धर्म बताया।
इस दौरान राज्यपाल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा कर दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आश्वासन दिया कि आदिवासी समुदाय के विकास के लिए लोकभवन के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे और वे स्वयं पालघर के विकास पर विशेष ध्यान देंगे।
कार्यक्रम में वनबंधू ट्रस्ट के अध्यक्ष लाडूलाल सोनी ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए ट्रस्ट की स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी और कहा कि उनका संगठन आदिवासी क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे ने प्रशासन और सामाजिक संगठनों के समन्वय से दूरदराज क्षेत्रों के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने अपने संबोधन में जिले की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और अधिक तेजी से कार्य करेगा।
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