पालघर: जिले में अनधिकृत निर्माण पर सख्ती, उद्योगों को राहत देने की दिशा में प्रशासन के बड़े फैसले।नई नीतियों से अनुमति प्रक्रिया होगी तेज, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने होगी बैठक।

पालघर: जिले में अनधिकृत निर्माण पर सख्ती, उद्योगों को राहत देने की दिशा में प्रशासन के बड़े फैसले।
नई नीतियों से अनुमति प्रक्रिया होगी तेज, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने होगी बैठक।

अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के वाडा तहसील में विभिन्न कंपनियों द्वारा किए जा रहे अनधिकृत निर्माण और औद्योगिक निर्माण अनुमति प्रक्रिया में उद्यमियों को आ रही कठिनाइयों को देखते हुए जिला प्रशासन ने ठोस और निर्णायक कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति कार्यालय, पालघर में आयोजित बैठक में उद्योगों को बढ़ावा देने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
इस बैठक में अपर जिला कलेक्टर भाऊसाहेब फटांगरे, सहायक नगर रचना निदेशक भाग्यश्री ढवळसंक, निवासी उपजिलाधिकारी सुभाष भागडे, उपजिलाधिकारी रणजीत देसाई, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक उपेंद्र सांगळे, सहायक वन संरक्षक डेमरे और तहसीलदार सचिन भालेराव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वाडा क्षेत्र के अनेक उद्यमियों ने भी इस बैठक में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
बैठक के दौरान डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र जमीन राजस्व संहिता (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 के तहत अकृषि उपयोग अनुमति से संबंधित कुछ प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है। अब औद्योगिक निर्माण के लिए सीधे महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन एवं नगर रचना अधिनियम, 1966 के अंतर्गत संबंधित प्राधिकरण को आवेदन किया जा सकेगा। इस बदलाव से अनुमति प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।
इसके साथ ही, एकमुश्त रूपांतरण शुल्क जमा करने के बाद दोबारा शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उद्योगों पर आर्थिक बोझ कम होगा। Ease of Doing Business नीति के तहत विभिन्न विभागों द्वारा आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) एक महीने के भीतर जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में नगर विकास विभाग की ऑनलाइन प्रणाली Building Permission Management System (BPMS) और Auto DCR के उपयोग पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही, उद्यमियों को 7/12 उतारा और 9(3), 9(4) अभिलेख ऑनलाइन प्राप्त करने और आवेदन प्रक्रिया में समय पर प्रस्तुत करने की जानकारी भी दी गई।
उद्योगों के विस्तार को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि प्रशासन उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सकारात्मक दृष्टिकोण से करेगा। इसके लिए हर महीने इस प्रकार की बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।
वाडा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मिलिंद वाडेकर ने जिला प्रशासन के प्रयासों और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन निवासी उपजिलाधिकारी सुभाष भागडे ने किया।

Comments

Popular posts from this blog

पालघर: जिले में युवक की बेरहमी से हत्या का खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में..!

पालघर: यू.एस.ओस्तवाल इंग्लिश अकादमी स्कूल में रोटरी क्लब ऑफ बोईसर तारापुर की नशामुक्ति जागरूकता पहल।

पालघर: तारापुर एमआईडीसी में ओलियम गैस रिसाव से हड़कंप - भघेरिया केमिकल्स से निकली जहरीली गैस।प्रशासन की आपात चेतावनी; गांवों में सतर्कता, तकनीकी दल जुटा।