पालघर: जिले में आदर्श ग्रामसेवक, ग्रामपंचायत अधिकारी और वनराई पुरस्कारों का भव्य वितरण समारोह आयोजित।
पालघर: जिले में आदर्श ग्रामसेवक, ग्रामपंचायत अधिकारी और वनराई पुरस्कारों का भव्य वितरण समारोह आयोजित।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले में आदर्श ग्रामसेवक, आदर्श ग्रामपंचायत अधिकारी तथा वनराई पुरस्कारों का वितरण समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जिला परिषद पालघर के जननायक बिरसा मुंडा सभागार में किया गया, जिसमें जिले के पालकमंत्री एवं वनमंत्री गणेश नाईक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राजेंद्र गावित, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रकाश निकम, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र शिंदे, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा की परियोजना निदेशक डॉ. रुपाली सातपुते, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी इजाज अहमद सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत) अशोक पाटील के मार्गदर्शन में किया गया।
वनराई अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को कम से कम पांच बंधारे (चेक डैम) निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में कई ग्राम पंचायतों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। चहाडे ग्राम पंचायत ने सर्वाधिक 15 बंधारे बनाकर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि भाताणे, आडणे और बऱ्हाणपुर ग्राम पंचायतों ने 12-12 बंधारे बनाकर सराहनीय कार्य किया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 38 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के आदर्श ग्रामसेवक तथा वर्ष 2024-25 के आदर्श ग्रामपंचायत अधिकारी पुरस्कारों का भी वितरण किया गया। लंबे समय से लंबित इन पुरस्कारों के वितरण से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों में संतोष का माहौल देखा गया।
इस अवसर पर पालकमंत्री गणेश नाईक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिले का कोई भी नागरिक जाति, धर्म या राजनीतिक भेदभाव के कारण वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वनराई जैसे अभियानों से जलसंरक्षण को बढ़ावा मिलता है और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलती है।
विधायक राजेंद्र गावित ने ग्राम विकास में सरपंच, ग्रामसेवक और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है और स्थायी विकास के लिए ऐसे प्रयासों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने बताया कि वनराई अभियान के तहत 1000 बंधारे बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि वास्तविक रूप से 1128 बंधारे निर्मित किए गए। उन्होंने ‘निपुण पालघर’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र शिंदे को सेवानिवृत्ति के अवसर पर पालकमंत्री गणेश नाईक के हाथों सम्मानित किया गया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्यों का भी सत्कार किया गया तथा उन्हें सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी इजाज अहमद द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला परिषद तथा ग्राम पंचायतों के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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