पालघर: आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का बड़ा अवसर: अंग्रेजी माध्यम आवासीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू।डहाणू परियोजना के तहत 29 अप्रैल से 15 मई तक आवेदन, पारदर्शी चयन प्रक्रिया का दावा।
पालघर: आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का बड़ा अवसर: अंग्रेजी माध्यम आवासीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू।
डहाणू परियोजना के तहत 29 अप्रैल से 15 मई तक आवेदन, पारदर्शी चयन प्रक्रिया का दावा।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने के उद्देश्य से डहाणू परियोजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंग्रेजी माध्यम की नामांकित आवासीय विद्यालयों में रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे वे बेहतर शैक्षणिक वातावरण में अध्ययन कर सकेंगे और भविष्य में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, आवेदन फॉर्म का वितरण 29 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 15 मई 2026 तक किया जाएगा। इच्छुक अभिभावकों को एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय, डहाणू में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच (साप्ताहिक अवकाश को छोड़कर) जाकर आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा और उसी अवधि में भरा हुआ आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा।
प्रवेश के लिए विद्यार्थी का अनुसूचित जनजाति वर्ग से होना आवश्यक है। साथ ही, वह तलासरी, डहाणू, पालघर या वसई तालुका का निवासी होना चाहिए। 31 दिसंबर 2026 तक विद्यार्थी की आयु कम से कम 6 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, अभिभावक का शासकीय या अर्धशासकीय सेवा में न होना भी जरूरी शर्तों में शामिल है।
प्रकल्प अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी विशाल खत्री ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से और सभी संबंधितों की उपस्थिति में संपन्न की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन या भ्रामक जानकारी के झांसे में न आएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधूरे या निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यदि किसी आवेदन में गलत जानकारी पाई जाती है, तो संबंधित विद्यार्थी का प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदन करना प्रवेश की गारंटी नहीं है।
आवेदन के साथ जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र तथा विद्यार्थी के दो पासपोर्ट आकार के फोटो अनिवार्य रूप से संलग्न करने होंगे। इसके अलावा, यदि अभिभावक विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित या परित्यक्ता हैं, तो संबंधित ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
यह योजना आदिवासी विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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