पालघर: ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर’ में 1,283 सेवाओं का वितरण।नागरिकों को एक ही स्थान पर मिली कई सुविधाएं।

पालघर: ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर’ में 1,283 सेवाओं का वितरण।
नागरिकों को एक ही स्थान पर मिली कई सुविधाएं।

अखिलेश चौबे 
पालघर। नागरिकों को राजस्व विभाग से जुड़ी लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराने और विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर प्रदान करने के उद्देश्य से “छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर अभियान (चरण-1)” के अंतर्गत बोईसर मंडल के विद्यानगर (खैरेपाड़ा) स्थित डॉ. स. द. वर्तक विद्यालय में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी भाऊसाहेब फटांगरे के हाथों किया गया।
इस शिविर के माध्यम से कुल 1,283 सेवाएं और प्रमाणपत्र नागरिकों को वितरित किए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को तत्काल राहत मिली। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी (पुनर्वसन) तेजस चव्हाण, अपर तहसीलदार (अकृषिक) तुषार शिंदे, स्थानीय सरपंच, उपसरपंच, पूर्व सरपंच तथा बोईसर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नागरिक और विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शिविर के दौरान नागरिकों को 7/12 और 8A भूमि अभिलेख की प्रतियां, रिकॉर्ड अपडेट, घरकुल पट्टा वितरण, ई-मापन (ई-मोजणी), पगडंडी/पाणंद मार्ग से संबंधित कार्य, नामांतरण (फेरफार) मामलों का निपटारा तथा तुकड़ेबंदी कानून के संबंध में मार्गदर्शन जैसी सेवाएं “सिंगल डे सर्विस डिलिवरी” के तहत प्रदान की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं अन्य सामाजिक योजनाओं का लाभ भी मौके पर उपलब्ध कराया गया।
इसके अतिरिक्त शिविर में आयुष्मान भारत कार्ड पंजीकरण, ई-केवाईसी, मतदाता पंजीकरण एवं नाम विलोपन की प्रक्रिया के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे नागरिकों को बहुआयामी सेवाओं का लाभ मिला।
विशेष रूप से वाधवन बंदर (ग्रीनफील्ड हाईवे) परियोजना से जुड़े शिगांव, गारगांव, राणिशिगांव, नेवाले और खुताड़ गांवों के भूमि अधिग्रहण मामलों के लिए अलग से कक्ष स्थापित किया गया था। इस कक्ष के माध्यम से भूमि अभिलेखों का अद्यतन कर मुआवजा वितरण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर जोर दिया गया।
शिविर में उन मामलों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई, जहां मृत्यु पंजीकरण नहीं हुआ था। ऐसे प्रकरणों में वारिस प्रमाणन को सरल बनाने के लिए ग्रामसेवकों के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।
इसके अलावा पंचायत समिति, समाज कल्याण विभाग, पशुसंवर्धन विभाग, जिला उद्योग केंद्र तथा आदिवासी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी नागरिकों को दी गई। स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए गए, वहीं लक्ष्मीमुक्ति योजना और धारा 85 से संबंधित प्रक्रियाओं पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
यह शिविर प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत आम नागरिकों को पारदर्शी, त्वरित और सुलभ सेवाएं प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस पहल से न केवल लोगों का समय और श्रम बचा, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास भी और मजबूत हुआ।

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