पालघर: महसूल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 7 मार्च से शुरू होगा ‘छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर अभियान’।

पालघर: महसूल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 7 मार्च से शुरू होगा ‘छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर अभियान’।

अखिलेश चौबे
पालघर। आम नागरिकों और किसानों के राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित समाधान करने, भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने तथा डिजिटल सेवाओं के अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में “छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर अभियान – चरण 1” 7 मार्च से जिले में शुरू किया जाएगा। यह जानकारी जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने पत्रकार परिषद में दी।
जिल्हाधिकारी कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में निवासी उपजिल्हाधिकारी सुभाष भागडे, उपजिल्हाधिकारी (सा.प्र.) रणजीत देसाई, भूमी अभिलेख विभाग के अधीक्षक नरेंद्र पाटील तथा तहसीलदार रमेश शेंडगे उपस्थित थे।
जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने बताया कि मार्च से मई के बीच महसूल मंडल स्तर तथा नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर एकदिवसीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों के लंबित राजस्व संबंधी मामलों का तत्काल निपटारा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। शासन के डिजिटल उपक्रमों के माध्यम से नागरिकों को Single Day Service Delivery के तहत सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभियान के क्रियान्वयन के लिए मंडल स्तर पर 18 फरवरी से 5 मार्च 2026 के बीच पूर्व तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके बाद मार्च, अप्रैल और मई महीने में निम्न तिथियों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। 7 मार्च और 14 मार्च – मंडल स्तर के शिविर, 10 अप्रैल और 17 अप्रैल – मंडल स्तर के शिविर, 8 मई और 15 मई – नगर परिषद एवं नगर पंचायत स्तर के शिविर इस अभियान के अंतर्गत भोगवटदार वर्ग-2 भूमि को वर्ग-1 में परिवर्तित करने, लंबित फेरफार मामलों का निपटारा करने, 7/12 उतारों में त्रुटियों को सुधारने तथा जिवंत 7/12 अभियान के अंतर्गत गांव-गांव के अभिलेखों को अद्यतन करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। शिविर के दिन नागरिकों को अद्यतन अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे।
महाभूमि पोर्टल से डाउनलोड किए गए क्यूआर कोड युक्त डिजिटल 7/12 उतारे को अब पूर्ण कानूनी वैधता प्राप्त हो गई है। इसके कारण तहसील कार्यालय से हस्ताक्षरित कागज लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी। शिविरों में नागरिकों को डिजिटल 7/12 डाउनलोड करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
शिविरों में लोकसेवा हक्क कानून के तहत आय, निवास, जाति तथा नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और पात्र आवेदकों को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा ई-मोजणी, अँग्रीस्टॅक, पीएम किसान योजना और शिकायत निवारण से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम संशोधन अधिनियम 2025 के अनुसार अंतिम विकास आराखड़े में शामिल भूमि के लिए अकृषिक रूपांतरण हेतु जिल्हाधिकारी की अलग अनुमति आवश्यक नहीं होगी। साथ ही सनद प्रणाली समाप्त कर दी गई है और एकमुश्त अधिमूल्य भुगतान की नई सरल व्यवस्था लागू की गई है।
शिविरों में Single Window Clearance प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मंडल अधिकारी और तलाठी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर नागरिकों के आवेदन स्वीकार करेंगे और तत्काल निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाएंगे।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर महसूल मंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। वहीं जिले में जिल्हाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समिति अभियान की योजना और समीक्षा करेगी।
जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने कहा कि जिले के सभी विभागों को समन्वय के साथ इस अभियान को जनहितकारी, पारदर्शी और गतिशील तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इन शिविरों में भाग लेकर अपने राजस्व संबंधी मामलों का समाधान कराएं।
अभियान के तहत पालघर, वसई, डहाणू, वाडा, विक्रमगड, जव्हार, मोखाडा और तलासरी तालुकों में विभिन्न तिथियों पर समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामपंचायत कार्यालय, विद्यालय, मंदिर परिसर तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

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