पालघर: जिले में राजस्व समाधान शिविर अभियान का शुभारंभ, नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर।
पालघर: जिले में राजस्व समाधान शिविर अभियान का शुभारंभ, नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर।
अखिलेश चौबे
पालघर। राजस्व विभाग के अंतर्गत चलाए जा रहे छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर अभियान – चरण क्रमांक 1 का शुभारंभ वन मंत्री तथा पालघर जिले के पालक मंत्री गणेश नाईक के हाथों पालघर तालुका के माहिम में उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाना चाहिए तथा शासन और जनता के बीच की दूरी कम करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम में विधायक राजेंद्र गावित, जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़, जिला पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, अतिरिक्त जिलाधिकारी भाऊसाहेब फटांगरे, उपवन संरक्षक निरंजन दिवाकर तथा जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र शिंदे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पालक मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि शासन की कार्यप्रणाली को अधिक गतिशील बनाने और नागरिकों की दैनिक समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाकर उनका त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से इस शिविर अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि पालघर जिले में तालुका, मंडल तथा नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर कुल 53 शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 7 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक जारी रहेगा।
इस अवसर पर पालक मंत्री गणेश नाईक ने माहिम गांव के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहले यह क्षेत्र पालघर के आसपास का प्रमुख व्यापारिक केंद्र हुआ करता था और यहां के बंदरगाह से समुद्री मार्ग के जरिए व्यापार किया जाता था। वर्ष 1936 में यहां बाजार की स्थापना की गई थी, जिससे उस समय इस गांव के आर्थिक महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पालघर जिले के विकास के विषय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सातपाटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बंदरगाह स्थापित करने की राज्य सरकार की योजना है, जिससे मछुआरों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पालघर जिला “तीसरी मुंबई” के रूप में विकसित होने की क्षमता रखता है। यहां हवाई अड्डा, औद्योगिक विकास और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, ऐसे में स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को स्थानीय लोगों का समर्थन तभी मिलेगा जब उन्हें रोजगार, उद्योग और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस दिशा में जिलाधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मंडल अधिकारी और तलाठी जैसे राजस्व अधिकारियों को जनता की समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से समाधान करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
पालक मंत्री गणेश नाईक ने यह भी सुझाव दिया कि जिले के युवाओं को उद्योग और व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राम स्तर पर जानकारी एकत्र कर जिला स्तर पर उसकी जांच की जाए तथा उपयुक्त सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें ऋण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस अभियान के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच संवाद मजबूत होगा और लोगों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचकर उनका समाधान संभव होगा। इस पहल के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे का आभार भी व्यक्त किया।
अभियान का समापन 15 मई को किया जाएगा। इसके बाद इस पूरी पहल का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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