पालघर: जिला नियोजन समिति की बैठक संपन्न, पालक मंत्री गणेश नाइक की अध्यक्षता में हुए अहम फैसले।

पालघर: जिला नियोजन समिति की बैठक संपन्न, पालक मंत्री गणेश नाइक की अध्यक्षता में हुए अहम फैसले।

अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के समग्र और सतत विकास को नई गति देने के उद्देश्य से जिला नियोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालक मंत्री गणेश नाइक की अध्यक्षता में संपन्न हुई। यह बैठक जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित लोकशाहिर आत्माराम पाटील जिला नियोजन समिति सभागार में आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिला वार्षिक योजना, आदिवासी विकास, पर्यटन संवर्धन, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस बैठक में विधायक अधिवक्ता निरंजन डावखरे, विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे, विधायक राजेंद्र गावित, विधायक शांताराम मोरे, विधायक विलास तरे, विधायक हरिश्चंद्र भोये, विधायक स्नेहा दुबे पंडित, विधायक राजन नाइक उपस्थित रहे।
इसके साथ ही जिला कलेक्टर डॉ. इंदु राणी जाखड़, वसई-विरार महानगरपालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, डहाणू के परियोजना अधिकारी विशाल खत्री, जिला नियोजन अधिकारी प्रशांत भामरे सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
बैठक की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार के आकस्मिक और असामयिक निधन पर जिला नियोजन समिति की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में वर्ष 2026–27 के लिए जिला वार्षिक योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। शासन द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमा के अनुसार आदिवासी घटक कार्यक्रम के लिए 410.43 करोड़ रुपये, सामान्य योजना के लिए 249.74 करोड़ रुपये तथा विशेष घटक योजना के लिए 14 करोड़ रुपये, इस प्रकार कुल 674.17 करोड़ रुपये की सीमा निर्धारित की गई है।
इस निर्धारित सीमा के अंतर्गत प्रस्तुत विकास आराखड़े को जिला नियोजन समिति ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की।
इसके अतिरिक्त सामान्य योजना के लिए 333.50 करोड़ रुपये तथा आदिवासी घटक योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि की मांग राज्य सरकार को भेजने की भी समिति ने स्वीकृति दी।
पालक मंत्री गणेश नाइक ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पूर्व में स्वीकृत विकास कार्यों के शेष दायित्वों को प्राथमिकता के आधार पर निधि उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 799.43 करोड़ रुपये की कुल निधि में से जनवरी 2026 के अंत तक 559.56 करोड़ रुपये के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 270.36 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया है।
पालघर जिले को सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से नॉर्थ कोंकण चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड एग्रीकल्चर के साथ समझौता ज्ञापन किया गया।
यह पहल जिला कलेक्टर डॉ. इंदु राणी जाखड़ की संकल्पना से साकार हुई है। इसके अंतर्गत युवाओं के लिए रील प्रतियोगिता, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, जनजागरूकता अभियान तथा उच्च गुणवत्ता वाली पर्यटन सूचना सामग्री का निर्माण किया जाएगा।
इस समझौते से स्थानीय रोजगार, नवाचार और जनसहभागिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है।
बैठक में स्वतंत्रता संग्राम के महान आदिवासी क्रांतिकारी धरती आबा बिरसा मुंडा के स्मारक के निर्माण को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। यह स्मारक पालघर जिले में स्थापित किया जाएगा, जिसके माध्यम से बिरसा मुंडा के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके विचारों और आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।
पालघर जिले के गौरव और वरिष्ठ तारपावादक पद्मश्री भिकल्या धिंडा का जिला नियोजन समिति की ओर से शाल और श्रीफल देकर सम्मान किया गया। समिति ने उनके कला क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना की।
बैठक में आकांक्षित तालुका कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ किया गया।
इसके साथ ही श्रीकृष्ण मंदिर (गालतरे, वाडा), पद्मनाभ स्वामी मंदिर (टेंभोडे, पालघर) और शीतलादेवी मंदिर (केळवे, पालघर) — इन तीन धार्मिक तीर्थस्थलों को ‘सी’ श्रेणी का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक के माध्यम से पालघर जिले के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

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