पालघर: जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में समझौता ज्ञापन संपन्न।"आदि कर्मयोगी फेलोशिप के माध्यम से महाविद्यालयीन छात्र ग्रामीण विकास में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका"

पालघर: जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में समझौता ज्ञापन संपन्न।
"आदि कर्मयोगी फेलोशिप के माध्यम से महाविद्यालयीन छात्र ग्रामीण विकास में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका"

अखिलेश चौबे
पालघर। अनुसूचित जनजातियों सहित समाज के वंचित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण तथा शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत आदि कर्मयोगी फेलोशिप के माध्यम से महाविद्यालयीन छात्र ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह प्रतिपादन जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने किया।
पालघर जिला प्रशासन और सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय के बीच ‘आदि कर्मयोगी फेलोशिप’ के क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी कार्यालय, पालघर में जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में पालघर स्थित सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर किरण सावे उपस्थित थे। Whole-of-Government Approach की अवधारणा पर आधारित इस पहल के माध्यम से ग्राम स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि, योजनाओं की निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक नया आयाम मिलेगा।
इस फेलोशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। ग्रामीण विकास, अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान विषयों के उत्साही छात्र इस फेलोशिप में सहभागी होंगे। ये छात्र गांवों में आजीविका संवर्धन, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की गुणवत्ता सुधारने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की प्रक्रिया में प्रत्यक्ष योगदान देंगे।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए परियोजना कार्यालय जव्हार और डहाणू के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग तथा अन्य शासकीय विभागों का भी सहयोग प्राप्त होगा।
इस फेलोशिप के प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना, समुदाय की भागीदारी को सशक्त बनाना, गांवों में विकास योजनाओं के लिए सूचना-आधारित योजना निर्माण और निगरानी को प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण और आदिवासी समाज में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देना हैं।
‘आदि कर्मयोगी फेलोशिप’ के माध्यम से कार्यरत युवाओं को प्रशासनिक तंत्र से जुड़ने और प्रत्यक्ष विकास प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त करने का एक अनूठा अवसर मिलेगा। आदिवासी बहुल पालघर जिले के समग्र विकास को गति देने वाला यह उपक्रम नई ऊर्जा प्रदान करेगा, ऐसा विश्वास जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने व्यक्त किया।

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