पालघर: सेवा पखवाड़े से जिले में विकास की नई दिशा, घर सड़क और डिजिटल सुविधा पर जोर।

पालघर: सेवा पखवाड़े से जिले में विकास की नई दिशा, घर सड़क और डिजिटल सुविधा पर जोर।

अखिलेश चौबे 
पालघर। “सेवा पखवाड़ा” (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025) केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का संकल्प है। यह बात पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने पत्रकार परिषद में कही। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन) रणजीत देसाई भी उपस्थित थे।
सेवा पखवाड़े के दौरान “कच्चे रास्ते”, “सभी के लिए घर” और “नवाचार योजनाएं” जैसे विविध उपक्रमों की सफलतापूर्वक शुरुआत कर पालघर जिला प्रशासन ने जनसहभागिता के माध्यम से विकास की नई दिशा दी।
कच्चे रास्तों का सर्वेक्षण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
17 से 22 सितंबर के बीच छत्रपति शिवाजी महाराज भू-अभियान अंतर्गत 5,692 कच्चे रास्तों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 4,050 रास्ते नक्शे पर नए दर्ज किए गए, जबकि 81 रास्तों पर हुए कुल 36.2 किमी अतिक्रमण हटाए गए। 483 रास्तों का सीमांकन पूर्ण हुआ और 2,080 रास्तों को विशिष्ट पहचान संख्या दी गई। इस पहल से किसानों को अपने खेतों तक कानूनी और स्थायी मार्ग प्राप्त हुआ।
23 से 27 सितंबर के बीच 236 अतिक्रमणों को नियमित कर 2.7579 हेक्टेयर भूमि नागरिकों को कानूनी स्वामित्व के साथ प्रदान की गई। इस अभियान से 236 परिवारों को घर का वैध हक मिला, जिससे “हर परिवार का अपना घर” सपना साकार हुआ।

‘सेवादूत’ ऐप से प्रशासन हुआ और सुलभ
नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे उपलब्ध कराने के लिए ‘सेवादूत’ मोबाइल ऐप शुरू किया गया। इसके माध्यम से लोग अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। अभियान के दौरान 1,913 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 761 को मंजूरी दी गई।
साथ ही 641 “आपले सरकार सेवा केंद्रों” की जांच कर उत्कृष्ट केंद्रों को प्रशस्ति चिह्न प्रदान किए गए।

शिक्षा और डिजिटल प्रमाणपत्र पहल
“शाला तिथे दाखला” (जहां स्कूल, वहीं प्रमाणपत्र) अभियान के तहत जिले के 8 तालुकों की 695 शालाओं में शिविर लगाए गए। कुल 80,730 दाखिलों में से 49,216 प्रमाणपत्र वितरित किए गए, जो अब DigiLocker प्रणाली से जुड़े हैं।

भूमि और डिजिटल नवाचार
जिले में 345 दावे मंजूर किए गए, जबकि 1,319 दावे पुन: परीक्षण के लिए भेजे गए। 759.55 हेक्टेयर क्षेत्र में बांसारोपण और GIS आधारित सत्यापन किया गया।
AI–Blockchain प्रणाली के तहत भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी सूचनाएं ब्लॉकचेन पर सुरक्षित रखी जा रही हैं, जिससे बुलेट ट्रेन और विरार–दहाणू चौपदरीकरण जैसे बड़े प्रकल्पों की जानकारी नागरिकों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होगी।
जिले के 50 कोळीवाड़ों का GIS सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, और सातपाटी गांव में इसका प्रायोगिक उपयोग प्रारंभ हो गया है। जल्द ही सभी कोळीवाड़ों को डिजिटल संपत्ति पत्रिका दी जाएगी।

जिलाधिकारी का निष्कर्ष
डॉ. इंदु राणी जाखड ने कहा कि इन सभी योजनाओं से शासन की सेवाएं सीधे जनता तक पहुंची हैं। पारदर्शिता, तकनीक का उपयोग और नागरिकों की सहभागिता पर आधारित यह सेवा पखवाड़ा जिला विकास का नया चरण सिद्ध हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाकर उनके जीवन में वास्तविक बदलाव लाना ही “सेवा पखवाड़े” का मुख्य उद्देश्य है।

Comments

Popular posts from this blog

पालघर: यू.एस.ओस्तवाल इंग्लिश अकादमी स्कूल में रोटरी क्लब ऑफ बोईसर तारापुर की नशामुक्ति जागरूकता पहल।

पालघर: तारापुर एमआईडीसी में ओलियम गैस रिसाव से हड़कंप - भघेरिया केमिकल्स से निकली जहरीली गैस।प्रशासन की आपात चेतावनी; गांवों में सतर्कता, तकनीकी दल जुटा।

पालघर: चिन्मया विद्यालय कक्षा 10वीं में 100% परिणाम के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन।शारन्या माबियन ने 99.60% अंक लाकर किया कमाल, चिन्मया विद्यालय में बनीं टॉपर।