मुंबई: फरवरी में वैश्विक स्तर पर ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ का आयोजन मुंबई में होगा- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा।

मुंबई: फरवरी में वैश्विक स्तर पर ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ का आयोजन मुंबई में होगा- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा।

अखिलेश चौबे 
मुंबई। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को दर्शाने वाला एक बड़ा वैश्विक आयोजन ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ आगामी वर्ष फरवरी 2026 में मुंबई में आयोजित किया जाएगा। इसकी औपचारिक घोषणा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में आयोजित एक बैठक के दौरान की।
यह महत्त्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट मुंबई’ की संकल्पना पर आधारित है, जिसका आयोजन महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सहयोग से किया जाएगा। इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी, विभाग की सचिव जयश्री भोज, तथा प्रोजेक्ट मुंबई के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिशिर जोशी उपस्थित थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ के लोगो का अनावरण भी किया गया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि विकसित और विकासशील देशों में बढ़ते जलवायु परिवर्तन, खाद्य और ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में यह पहल अत्यंत महत्त्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन विकास और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
मुख्य कार्यक्रम 17 से 19 फरवरी 2026 तक जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, मुंबई में आयोजित होगा। इसके साथ ही शहरभर में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अनेक उपक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, फिल्म प्रदर्शन, कला, खेल, स्वास्थ्य, अध्यात्म और ‘क्लाइमेट फूड फेस्टिवल’ जैसे आयोजन शामिल रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सम्मेलन में ग्लोबल साउथ के 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जहां एक व्यावहारिक जलवायु कार्य योजना तैयार की जाएगी। यह योजना राज्यों के मुख्यमंत्रियों, शहरों के प्रतिनिधियों, उद्योगों, सामाजिक संगठनों, छात्रों और युवाओं के सहयोग से बनाई जाएगी।
फडणवीस ने कहा, “मुंबई क्लाइमेट वीक भारत के उस संकल्प को प्रदर्शित करता है, जिसमें हम केवल चर्चा नहीं बल्कि कृती के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से निपटने का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मुंबई और महाराष्ट्र, ग्लोबल साउथ के लिए न्यायसंगत, नवाचार-आधारित और पर्याप्त वित्तीय सहायता वाले जलवायु भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार है जब मुंबई में इस स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। “अब समय केवल बात करने का नहीं, बल्कि कृती का है। समाज के हर वर्ग, हर व्यवसाय और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को इस अभियान में भाग लेना होगा। हमें लोगों को यह दिखाना होगा कि किस प्रकार व्यवहारिक कदम उठाकर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सकता है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र और मुंबई के लिए स्पष्ट लक्ष्य और बेंचमार्क निर्धारित किए जाएंगे, ताकि जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जा सकें।
सम्मेलन के तीन प्रमुख विषय होंगे खाद्य प्रणाली (Food Systems), ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), शहरी लचीलापन (Urban Resilience) इन विषयों पर न्याय, नवोन्मेष और वित्तीय दृष्टिकोण से गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
प्रोजेक्ट मुंबई के संस्थापक और सीईओ शिशिर जोशी ने कहा, “मुंबई क्लाइमेट वीक महाराष्ट्र और भारत दोनों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। यह मंच जनसहभागिता पर आधारित, सतत और समावेशी समाधान प्रस्तुत करेगा, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में ठोस परिणाम देगा।”
इस पहल के नॉलेज पार्टनर ‘मॉनिटर डिलॉइट’ होंगे, जबकि क्लाइमेट ग्रुप, इंडिया क्लाइमेट कोलैबोरेटिव, वर्ल्ड रिसोर्सेस इंस्टिट्यूट (इंडिया), एव्हरसोर्स, एचटी पारेख फाउंडेशन, यूनिसेफ, शक्ति फाउंडेशन, रेनमैटर फाउंडेशन, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) जैसी संस्थाएं इसमें सहयोग करेंगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की अपर मुख्य सचिव अश्विनी भिडे, सचिव श्रीकर परदेशी, मुख्य आर्थिक सलाहकार कौस्तुभ धवसे, तथा प्रोजेक्ट मुंबई के सलाहकार मंडल के सदस्य रिधम देसाई और जलज दाणी भी उपस्थित थे।
यह सम्मेलन न केवल भारत बल्कि संपूर्ण ग्लोबल साउथ के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा, जो जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई और नवोन्मेषी सहयोग का नया अध्याय लिखेगा।

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