पालघर: जिला नियोजन समिति की बैठक पालकमंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में संपन्न, 799 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना का आराखड़ा घोषित।
पालघर: जिला नियोजन समिति की बैठक पालकमंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में संपन्न, 799 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना का आराखड़ा घोषित।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 799.43 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना का आराखड़ा तय किया गया है। इस संदर्भ में वन मंत्री तथा पालघर जिल्ह्याचे पालकमंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में जिल्हा नियोजन समिती की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पालकमंत्री गणेश नाईक ने निर्देश दिए कि जिले के सभी विभाग प्रमुख 25 अक्टूबर 2025 तक जिला नियोजन समिति अंतर्गत आने वाले सभी विकास प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके।
इस बैठक में सांसद राजेंद्र गावीत, विधानसभा सदस्य हरिश्चंद्र भोये, स्नेहा दुबे-पंडित, विनोद निकोले, दौलत दरोडा, शांताराम मोरे, जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड, वसई-विरार महानगरपालिका आयुक्त मनोजकुमार सुर्यवंशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पोलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, जिल्हा नियोजन अधिकारी प्रशांत भामरे और जिले के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत 21 जुलाई 2025 को आयोजित पिछली बैठक के इतिवृत्त (मिनिट्स) को मंजूरी देने से हुई। इसके बाद वार्षिक योजना के अंतर्गत निधि वितरण पर चर्चा की गई। पालकमंत्री गणेश नाईक ने बताया कि आदिवासी घटक कार्यक्रम के लिए ₹410.13 करोड़, सामान्य घटक के लिए ₹375.00 करोड़ और विशेष घटक के लिए ₹14.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल ₹799.43 करोड़ की राशि जिले के विकास के लिए आरक्षित की गई है।
इनमें से ₹138.96 करोड़ के कार्यों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। साथ ही शासन द्वारा वितरित 30% निधि में से ₹62.35 करोड़ राशि कार्यान्वयन के लिए उपलब्ध कराई गई है।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे 25 अक्टूबर 2025 तक अपने प्रस्ताव पूर्ण रूप में सादर करें, जिससे बजट का प्रभावी उपयोग हो सके। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष की स्वीकृत लेकिन अपूर्ण परियोजनाओं के लिए शेष निधि को प्राथमिकता के आधार पर मंजूर किया जाएगा और उन्हें शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक में धार्मिक पर्यटन के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पालकमंत्री गणेश नाईक ने बताया कि गालतरे (वाडा), सदानंद महाराज देवस्थान (वसई), पद्मनाभम स्वामी मंदिर (पालघर), शितलादेवी मंदिर (केळवा), शिवमंदिर (देहरे-जव्हार), गातेस मंदिर (वाडा) और चंडीकादेवी मंदिर (जुचंद्र-वसई) — इन सात मंदिरों को “क वर्ग तीर्थक्षेत्र / यात्रास्थळ” का दर्जा देने के लिए संबंधित मानदंडों की जांच की जाएगी।
बैठक का समापन जिले के समग्र विकास, धार्मिक पर्यटन और जनहितकारी योजनाओं को गति देने के संकल्प के साथ हुआ।
पालघर जिल्हा नियोजन समिती की इस बैठक ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले वर्ष में जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होने जा रही है।
Comments
Post a Comment