नवी मुंबई “हिंद-दी-चादर” शहीदी समागम के सफल आयोजन हेतु आत्मसमर्पित भाव से कार्य करें — विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी।
नवी मुंबई “हिंद-दी-चादर” शहीदी समागम के सफल आयोजन हेतु आत्मसमर्पित भाव से कार्य करें — विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी।
अखिलेश चौबे
नवी मुंबई। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी समागम शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम की पूर्व तैयारियों की विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं अशासकीय सदस्यों से आह्वान किया कि इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए सभी विभाग समन्वय और सतर्कता के साथ कार्य करें तथा इसे केवल दायित्व न मानकर आत्मसंतोष हेतु समर्पित योगदान के रूप में लें।
राज्य सरकार के अल्पसंख्यक विभाग के मार्गदर्शन में “हिंद-दी-चादर” श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी 350वां शहीदी समागम कार्यक्रम समिति तथा सिख, सिकलीकर, बंजारा, लबाना, मोहियाल, सिंधी, वाल्मीकि, उदासीन संप्रदाय और संत भगत नामदेव एवं वारकरी समाज के संयुक्त सहयोग से यह भव्य आयोजन 28 फरवरी और 1 मार्च को नवी मुंबई के खारघर स्थित सेक्टर-29 के ओवे मैदान में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। आयोजन के सुचारु संचालन हेतु शासकीय अधिकारियों, गुरुद्वारा प्रबंधन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से कुल 26 समितियों का गठन किया गया है। विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने ओवे मैदान, सेक्टर-29, खारघर में प्रत्येक समिति के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
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समीक्षा बैठक में रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावळे, अपर आयुक्त फरोग मुकादम, रविंद्र पवार, पनवेल महानगरपालिका के आयुक्त मंगेश चितळे, अतिरिक्त आयुक्त गणेश शेट्ये, पनवेल के उपविभागीय अधिकारी पवन चांडक, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना की निदेशक तेजस्विनी गलांडे तथा उपजिलाधिकारी (रोजगार गारंटी योजना) एवं नवी मुंबई समागम कार्यक्रम समन्वयक रविंद्र राठोड सहित राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, महानगरपालिका और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. सूर्यवंशी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के त्याग और शौर्य का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने बताया कि नागपुर और नांदेड़ में यह समागम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है और खारघर में होने वाले कार्यक्रम के लिए भी अत्यंत सूक्ष्म एवं सुव्यवस्थित योजना बनाई जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुरक्षा, व्यवस्था और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें। साथ ही प्रचार-प्रसार की प्रभावी योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और ऐतिहासिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करेगा।
रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावळे ने कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए समिति प्रमुखों के साथ आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर बताया गया कि नवी मुंबई के अतिरिक्त मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों सहित राज्य के विभिन्न भागों तथा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा सेवा, स्वच्छता, भोजन, आवास, प्रचार-प्रसार, जलापूर्ति और विद्युत व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियाँ गठित की गई हैं और प्रशासन द्वारा समग्र तैयारी की जा रही है। बैठक का संचालन उपजिलाधिकारी (रोजगार गारंटी योजना) एवं नवी मुंबई समागम कार्यक्रम समन्वयक रविंद्र राठोड ने किया।
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