पालघर: वाधवन बंदर परियोजना को गति, भूमि अधिग्रहण तेज — जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़।
पालघर: वाधवन बंदर परियोजना को गति, भूमि अधिग्रहण तेज — जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के डहाणू तहसील अंतर्गत मौजा वाधवन में प्रस्तावित वाधवन बंदर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इस संबंध में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में सहायक जिलाधिकारी विशाल खत्री (दूरसंचार माध्यम से), उपजिलाधिकारी महेश सागर, तेजस चव्हाण, श्याम मदनुकर, भूमि अभिलेख अधीक्षक नरेंद्र पाटील, पालघर तहसीलदार रमेश शेंडगे तथा डहाणू तहसीलदार सुनिल कोळी सहित मंडल अधिकारी और तलाठी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी डॉ. जाखड़ ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक सड़क और रेल अवसंरचना निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3(ए) के अंतर्गत 29 अगस्त 2024 को केंद्र सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके अंतर्गत पालघर जिले के कुल 24 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें से डहाणू तहसील के 10 गांव तथा पालघर तहसील के 14 गांवों की भूमि अधिग्रहण के लिए चिन्हित की गई है।
पालघर तहसील के अधिकांश गांवों के लिए कृषि भूमि का दर प्रति हेक्टेयर 62 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि गैर-कृषि भूमि के लिए गांववार प्रति वर्ग मीटर 780 रुपये से 2,940 रुपये तक दर तय किए गए हैं। डहाणू तहसील के वरोर, चिंचणी और तणाशी गांवों के लिए कृषि भूमि का दर 1 करोड़ 16 लाख 44 हजार 106 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जबकि बावडे, कोलवली और वाणगांव गांवों के लिए यह दर 1 करोड़ 22 लाख 42 हजार 408 रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है। कुछ अन्य गांवों के लिए 62 लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का दर लागू रहेगा।
इन सभी प्रस्तावों को अधिग्रहण संस्था National Highways Authority of India के पास अनुमोदन हेतु भेजा गया था, जिसे स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
परियोजना से प्रभावित भूमि स्वामियों को निर्धारित बाजार मूल्य का दो गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुआवजा राशि पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त राहत राशि तथा 29 अगस्त 2024 से मूल दर पर 12 प्रतिशत अतिरिक्त घटक (ब्याज) भी प्रदान किया जाएगा। भूमि पर स्थित मकान, वृक्ष, कुएं, बोरवेल तथा अन्य संपत्तियों का पृथक मूल्यांकन कर अलग से क्षतिपूर्ति दी जाएगी, जिससे प्रभावित खातेदारों को कानूनी प्रावधानों के अनुसार अधिकतम आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
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अधिग्रहित भूमि का मुआवजा प्राप्त करने के लिए प्रभावित व्यक्तियों को 60 दिनों के भीतर अद्यतन भूमि अभिलेख (7/12 उतारा), फेरबदल प्रविष्टियां, पहचान पत्र, बैंक पासबुक (आईएफएससी सहित) तथा आवश्यक होने पर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पालघर तहसील के लिए सक्षम प्राधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (पुनर्वसन), जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पालघर तथा डहाणू तहसील के लिए सक्षम प्राधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (भूमि अधिग्रहण), सूर्य परियोजना कार्यालय डहाणू में संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने संबंधित तलाठी कार्यालयों को सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करने तथा राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता, गति और न्याय सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रभावित नागरिकों से समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर मुआवजा प्राप्त करने की अपील
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