मुंबई: तेज़ गर्मी के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षाएं, डॉक्टरों ने विद्यार्थियों को सतर्क रहने की दी सलाह।
मुंबई: तेज़ गर्मी के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षाएं, डॉक्टरों ने विद्यार्थियों को सतर्क रहने की दी सलाह।
अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर समय से पहले बढ़ी भीषण गर्मी ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दोपहर की तेज धूप में परीक्षा केंद्रों तक लंबी दूरी तय करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बन गई है।
चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में निर्जलीकरण, हीट एग्जॉशन, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी तथा पेट से संबंधित संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन से यात्रा, पर्याप्त पानी न पीना और परीक्षा का तनाव विद्यार्थियों की समस्या को और बढ़ा रहा है।
मीरा रोड स्थित वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. जिनेंद्र जैन ने बताया कि हीट वेव के दौरान शरीर से पानी तेजी से निकलता है। परीक्षा के तनाव के कारण कई विद्यार्थी भोजन छोड़ देते हैं, जिससे निर्जलीकरण का खतरा और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इससे थकान, एकाग्रता में कमी, चक्कर तथा हीट एग्जॉशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और खाली पेट घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
मुंबई स्थित एपेक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के फिजिशियन एवं इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. चिराग शाह ने बताया कि इन दिनों वायरल बुखार, पेट के संक्रमण तथा गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामलों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को बाहर का अस्वास्थ्यकर भोजन खाने से बचने, पर्याप्त नींद लेने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही अभिभावकों से लगातार सिरदर्द, मतली, मांसपेशियों में ऐंठन या असामान्य थकान जैसे शुरुआती लक्षणों पर नजर रखने को कहा।
डॉ. शाह के अनुसार गर्मी के मौसम में हल्का निर्जलीकरण भी एकाग्रता, स्मरण शक्ति और परीक्षा प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए, भले ही उन्हें प्यास न लगे।
चिकित्सकों ने सुझाव दिया है कि विद्यार्थी दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और जहां अनुमति हो, परीक्षा केंद्र पर पानी की बोतल साथ लेकर जाएं। ओआरएस, नारियल पानी और घर का बना नींबू पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है। यात्रा के दौरान हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, टोपी या छाता उपयोग करना भी तेज धूप के प्रभाव को कम करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्कूलों और परीक्षा केंद्रों से भी उचित वेंटिलेशन, पीने के पानी की उपलब्धता तथा छायादार प्रतीक्षा स्थल सुनिश्चित करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण चरण होती हैं, लेकिन अच्छे प्रदर्शन के लिए स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। समय पर पानी पीना, संतुलित आहार लेना और पर्याप्त विश्राम करना गर्मी से होने वाली बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है तथा विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान सुरक्षित और एकाग्र बनाए रखता है।
डॉ. जिनेंद्र जैन ने यह भी सलाह दी कि यदि लक्षण लगातार बने रहें तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।
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