पालघर: “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में, पालघर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित।

पालघर: “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में, पालघर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित।

अखिलेश चौबे
पालघर। गुरु तेग बहादुर साहिबजी के 350वें शहीदी समागम शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले भव्य “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम खारघर, नवी मुंबई में दिनांक 28 फरवरी एवं 1 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की व्यापक तैयारियों के मद्देनज़र अपर जिलाधिकारी भाऊसाहेब फटांगरे की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी सुभाष भागडे, जिला नियोजन अधिकारी प्रशांत भामरे, जिला सूचना अधिकारी राहुल भालेराव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी द्वारा दिनांक 6 फरवरी को आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं सर्वसमावेशी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, जिला परिषद, महानगरपालिका, नगरपालिका, शिक्षा विभाग, ग्राम पंचायतों, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग तथा औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चलाने पर बल दिया गया, जहां सिख, सिकलकर, बंजारा, लबाना, सिंधी, मोहियाल, वाल्मीकि, उदासीन तथा भगत नामदेव परंपरा-समाज के लोगों की संख्या अधिक है।
कार्यक्रम को सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रसिद्ध गायक सतिंदर सरताज के भक्ति गीतों का सिनेमाघरों में फिल्म प्रारंभ होने से पूर्व प्रसारण कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाएं, निबंध प्रतियोगिता, वक्तृत्व प्रतियोगिता तथा विविध सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर विद्यार्थियों के मध्य गुरु तेग बहादुर साहिबजी के बलिदान की प्रेरणा का प्रसार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को भी इस अवसर पर “आरोग्य पखवाड़ा” आयोजित करने तथा विभिन्न चिकित्सा शिविरों के माध्यम से जनसेवा कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि सामाजिक एकता, सेवा और जनकल्याण का संदेश देने वाले इन उपक्रमों को समाज के विभिन्न वर्गों से सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के जियो-टैग किए गए छायाचित्र एवं विस्तृत प्रतिवेदन gurutegbahadurshahidi.com इस आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश भी दिए गए।
गुरु तेग बहादुर साहिबजी का बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता, मानवता और राष्ट्रीय एकता का अद्वितीय प्रतीक माना जाता है। उनके 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर आयोजित “हिंद-दी-चादर” कार्यक्रम केवल एक स्मरणोत्सव नहीं, बल्कि समाज में एकता, बंधुत्व और सेवा भावना को सशक्त करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध होगा।

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