मुंबई: एसटी यात्रा का नया डिजिटल युग प्रारंभ; रियायतधारकों के लिए ‘एनसीएमसी’ स्मार्ट कार्ड अनिवार्य।
मुंबई: एसटी यात्रा का नया डिजिटल युग प्रारंभ; रियायतधारकों के लिए ‘एनसीएमसी’ स्मार्ट कार्ड अनिवार्य।
अखिलेश चौबे
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (एसटी) की यात्रा व्यवस्था अब पूर्णतः डिजिटल प्रणाली की ओर अग्रसर हो रही है। नकद लेनदेन से आगे बढ़ते हुए पारदर्शिता और सुगम सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से निगम ने ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (एनसीएमसी) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री तथा एसटी निगम के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने बताया कि विभिन्न सामाजिक रियायतों का लाभ प्राप्त करने के लिए यह स्मार्ट कार्ड अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि यात्रियों के विश्वास को डिजिटल आधार देने वाला महत्वपूर्ण कदम है, जिससे रियायतों का सटीक अभिलेखन, पारदर्शी प्रतिपूर्ति और नकदरहित भुगतान एक ही कार्ड के माध्यम से संभव होगा।
इस परियोजना के क्रियान्वयन हेतु निगम ने ईबिक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और एनएसडीएल पेमेंट्स बैंक के साथ अनुबंध किया है तथा शीघ्र ही सभी डिपो स्तर पर पंजीकरण अभियान प्रारंभ किया जाएगा। नई व्यवस्था के अंतर्गत विद्यालयीन एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक पंजीकरण क्रमांक से संबद्ध कार्ड प्रदान किया जाएगा, जबकि अमृत वरिष्ठ नागरिक, सामान्य वरिष्ठ नागरिक और महिला यात्रियों को आधार से संबद्ध कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। दिव्यांग यात्रियों को विशिष्ट पहचान संख्या से जुड़ा विशेष सुविधा युक्त कार्ड मिलेगा। स्वतंत्रता सेनानी, अधिस्वीकृत पत्रकार और राज्यस्तरीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों को विभागीय मुख्यालय के माध्यम से कार्ड वितरित किए जाएंगे।
नया कार्ड 199 रुपये (वस्तु एवं सेवा कर सहित) में उपलब्ध होगा, जबकि पूर्व में जारी स्मार्ट कार्ड जमा करने पर यह 149 रुपये में प्राप्त किया जा सकेगा। कार्ड में न्यूनतम 100 रुपये से राशि रखी जा सकेगी तथा 50 रुपये के गुणक में पुनर्भरण की सुविधा उपलब्ध होगी। इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन, अधिकृत वेबसाइट, मोबाइल अनुप्रयोग अथवा नियुक्त एजेंट के माध्यम से आसानी से रिचार्ज किया जा सकेगा। वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुविधा के लिए तीन हजार से अधिक अधिकृत एजेंट नियुक्त किए गए हैं तथा बस स्टेशनों पर ही पंजीकरण की व्यवस्था होने से ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी। यह पहल पारंपरिक यात्रा व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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