पालघर: जिले में ‘ग्लोबल कोकण महोत्सव 2026’ के दौरान ‘महा निर्यात इग्नाइट कन्वेंशन 2026’ उत्साहपूर्वक संपन्न।

पालघर: जिले में ‘ग्लोबल कोकण महोत्सव 2026’ के दौरान ‘महा निर्यात इग्नाइट कन्वेंशन 2026’ उत्साहपूर्वक संपन्न।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर शिरगांव बीच पर आयोजित ग्लोबल कोकण महोत्सव 2026 के दौरान “महा निर्यात इग्नाइट कन्वेंशन 2026” नामक कार्यशाला उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस आयोजन में प्रशासन, उद्योग जगत तथा नवोद्यमियों की प्रभावी भागीदारी देखने को मिली, जिससे राज्य की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।
कार्यशाला का आयोजन विकास आयुक्त (उद्योग) दिपेंद्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व तथा जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिलाधिकारी भाऊसाहेब फटांगरे, डहाणू उपविभागीय अधिकारी विशाल खत्री तथा कोकण विभाग की सहसंचालक (उद्योग) विजू सिरसाठ विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में भाऊसाहेब फटांगरे ने कहा कि आगामी वर्षों में विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं के कारण पालघर जिले का व्यापक विकास होगा और तटीय, पहाड़ी तथा शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का संकल्प लें।
उपविभागीय अधिकारी विशाल खत्री ने कहा कि प्रशासन उद्यमियों के साथ मजबूती से खड़ा है और स्थानीय प्रशासन से सीधे संवाद स्थापित करने से अनेक समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों के शिक्षित युवक-युवतियों से उद्योग क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
सहसंचालक (उद्योग) विजू सिरसाठ ने प्रस्तावना में जानकारी दी कि पालघर जिले ने पिछले वर्ष लगभग 30,138 करोड़ रुपये का निर्यात किया है। उन्होंने बताया कि “एक जिला एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत चिकू तथा समुद्री उत्पादों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नवोद्यमियों से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर अपना उद्योग स्थापित करने का आग्रह किया।
निर्यात प्रक्रिया संबंधी मार्गदर्शन के अंतर्गत Directorate General of Foreign Trade, मुंबई के विदेश व्यापार विकास अधिकारी प्रमोद थावरे ने निर्यात के लिए आवश्यक लाइसेंस और योजनाओं की जानकारी दी। वहीं Federation of Indian Export Organisations के वरिष्ठ कार्यकारी रिशु वर्मा ने निर्यात संवर्धन परिषदों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
The New India Assurance Company के वरिष्ठ व्यवसाय प्रबंधक अनिल जाधव ने विभिन्न बीमा योजनाओं की जानकारी दी, जबकि IDBI Capital के सहायक प्रबंधक उमेश रनोलिया ने अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में बताया।
कौशल विकास सत्र में अभिनव इंस्टीट्यूट के प्रबंधक अफान हैदर ने “स्किल इंडिया” के अंतर्गत अप्रेंटिसशिप योजना का प्रस्तुतीकरण किया। “मैत्री” के नोडल अधिकारी विजय शिंदे ने महाराष्ट्र सरकार की व्यापार सुगमता सुधार पहल और मैत्री कानून की जानकारी दी। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े होमस्टे, रिसॉर्ट और होटल परियोजनाओं के लिए आवश्यक निर्माण अनुमतियों पर वास्तुविद योगेश म्हात्रे ने विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यशाला के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उपेंद्र सांगळे ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन एमसीईडी के परियोजना अधिकारी धम्मपाल थोरात ने किया, जबकि प्रबंधक उद्धव माने ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
महोत्सव के दौरान “एक जिला एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत चिकू उत्पादों तथा तारापुर औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। रोटरी क्लब ऑफ विरार, एमसीईडी, मिटकॉन और जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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