पालघर: बोईसर में नवाह महायज्ञ से पूर्व निकली भव्य कलश शोभायात्रा, 20 फरवरी से नौ दिवसीय आयोजन।
पालघर: बोईसर में नवाह महायज्ञ से पूर्व निकली भव्य कलश शोभायात्रा, 20 फरवरी से नौ दिवसीय आयोजन।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बोईसर (पूर्व) स्थित ड्रीम सिटी, धनानी नगर में आयोजित होने वाले श्री राम दरबार सार्वजनिक नवाह महायज्ञ के उपलक्ष्य में गुरुवार प्रातः भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने भाग लिया।
प्रातः लगभग 9 बजे आरंभ हुई शोभायात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर के प्रमुख मार्गों से यात्रा निकाली। “जय श्रीराम” तथा “हरे राम हरे कृष्ण” के जयघोष, शंखध्वनि, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा एवं स्वागत किया गया।
यह शोभायात्रा श्री राम दरबार सार्वजनिक नवाह महायज्ञ समिति, बोईसर द्वारा आयोजित नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के शुभारंभ के रूप में निकाली गई। समिति के अनुसार शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 से नवाह हरिनाम संकीर्तन एवं नवाह महायज्ञ का विधिवत प्रारंभ होगा।
20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) से नवाह हरिनाम संकीर्तन एवं नवाह महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ पूजा-अर्चना और हवन के साथ किया जाएगा। 20 से 28 फरवरी तक प्रतिदिन रामनाम संकीर्तन, विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, हवन तथा संतों द्वारा प्रवचन आयोजित होंगे। पूरे आयोजन काल के दौरान भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की निरंतर व्यवस्था रहेगी। समापन दिवस पर पूर्णाहुति यज्ञ, महाआरती तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के सम्मिलित होने की संभावना है।
समिति ने बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में दूर-दूर से संत, कथावाचक एवं श्रद्धालु भाग लेंगे। आयोजन स्थल पर भक्तों के लिए बैठने, जलपान तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।
आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का अनुरोध किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और आपसी सद्भाव को बल मिलता है।
भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न यह कलश शोभायात्रा बोईसर क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन की एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बना हुआ है।
Comments
Post a Comment