पालघर: वरद मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में पहली बार सफल रोटा एंजियोप्लास्टी, हृदय रोग उपचार में ऐतिहासिक उपलब्धि।

पालघर: वरद मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में पहली बार सफल रोटा एंजियोप्लास्टी, हृदय रोग उपचार में ऐतिहासिक उपलब्धि।

अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बोईसर स्थित वरद मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। अस्पताल में पहली बार अत्याधुनिक और अत्यंत जटिल रोटेशनल एथेरेक्टॉमी, जिसे सामान्य भाषा में रोटा एंजियोप्लास्टी कहा जाता है, की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। यह जटिल हृदय प्रक्रिया डी एम कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. नील स्नेहल ने अपनी अनुभवी चिकित्सा टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोईसर के उनभाट (दांडी) निवासी दत्तात्रय पांडुरंग पाटील (78 वर्ष) गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थे। उनके हृदय की धमनियों में अत्यधिक कठोर और कैल्शियम युक्त अवरोध था, जिसके कारण रक्त प्रवाह प्रभावित हो रहा था। अन्य चिकित्सकीय केंद्रों पर उन्हें बायपास सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन अधिक उम्र और समग्र स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए यह सर्जरी जोखिमपूर्ण मानी जा रही थी।
इसी कारण 13 जनवरी 2026 को दत्तात्रय पांडुरंग पाटील को बोईसर स्थित वरद मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में डॉ. नील स्नेहल के पास भर्ती कराया गया। विस्तृत जांच, आधुनिक परीक्षणों और तकनीकी मूल्यांकन के बाद डॉ. नील स्नेहल ने मरीज के लिए रोटा एंजियोप्लास्टी को सुरक्षित और उपयुक्त विकल्प माना। इसके तहत 16 जनवरी 2026 को अत्याधुनिक कार्डियक कैथलैब में रोटा एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया की गई, जिसमें हृदय धमनियों में मौजूद कठोर कैल्शियम युक्त अवरोध को विशेष उपकरण की सहायता से सफलतापूर्वक हटाया गया। इसके बाद हृदय में रक्त प्रवाह सामान्य हो गया और मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया।
सफल उपचार के पश्चात 21 जनवरी 2026 को दत्तात्रय पांडुरंग पाटील को पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस जटिल हृदय प्रक्रिया के सफल होने से मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और पूरी चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
बोईसर क्षेत्र में पहली बार रोटा एंजियोप्लास्टी जैसी उन्नत प्रक्रिया किए जाने से स्थानीय नागरिकों में विशेष प्रसन्नता देखी गई। नागरिकों ने कहा कि अब गंभीर हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि उच्च स्तरीय हृदय उपचार सेवाएं अब बोईसर में ही उपलब्ध हो गई हैं।
इस सफलता के लिए डॉ. साईदास लिंगनवाड सहित वरद मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल, बोईसर की पूरी चिकित्सा एवं कैथलैब टीम की सराहना की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वरद मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कार्डियक कैथलैब, चौबीस घंटे हृदय रोग आपातकालीन सेवाएं और अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध है। बोईसर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को यहां उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक हृदय चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिसका प्रमाण यह सफल रोटा एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया एक बार फिर बनकर सामने आया है।

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